भगवान राम और मां सीता का विवाह आत्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीकः भारती

भगवान राम और मां सीता का विवाह आत्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीकः भारती

देहरादून। दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की असीम अनुकंपा से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 09 से 15 नवंबर 2024, रामलीला ग्राउंड, डीडीए पार्क, सेक्टर-24, रोहिणी में सायं 5ः00 से रात्रि 9ः00 बजे तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिवस कथावाचिका साध्वी दीपिका भारती ने बताया कि रामायण कोई कपोल कल्पना नहीं, अपितु यह हमारे आंतरिक जगत में घटने वाली शाश्वत गाथा है। श्रीराम और देवी सीता का विवाह आत्मा और परमात्मा के बीच का गठबंधन है। और प्रभु राम और देवी सीता का दिव्य प्रेम प्रसंग केवल वही समझ सकते हैं जो आत्मिक स्तर पर जागृत हैं।
साध्वी ने भगवान राम के विवाह समारोह व पिनाक धनुष के सार की विस्तृत जानकारी प्रदान की। दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की सभ्य समाज के निर्माण की विचारधारा को उजागर करते हुए कथा व्यास जी ने शिव धनुष के पीछे छिपे रहस्यों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि धनुष यज्ञ के समय बढ़ती प्रतिस्पर्धा का समाज में नकारात्मक प्रभाव इस तरह हुआ कि वहाँ पर मौजूद हर प्रतिस्पर्धी में आत्म सम्मान के स्थान पर अहंकार ने जन्म ले लिया। यही परिस्तिथि आज के वर्त्तमान परिदृश्य में दृष्टिगोचर हो रही है। मानव मानव का दुश्मन बन चूका है। और आज का सबसे बढ़ा खतरा मानव समाज में न्युक्लीअर हथियार है। साध्वी दीपिका भारती जी ने हिरोशिमा-नागासाकी का उदाहरण देते हुए बताया कि उस समय में तो एटॉमिक बम थे, परन्तु अब तो न्युक्लीअर हथियार आ चुके हैं।

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