मदमहेश्वर धाम में साल दर साल बढ़ती जा रही श्रद्धालुओं की संख्या

मदमहेश्वर धाम में साल दर साल बढ़ती जा रही श्रद्धालुओं की संख्या

रुद्रप्रयाग। बाबा मदमहेश्वर धाम के प्रति भक्तों की आस्था बढ़ने से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है। हर वर्ष बाबा के धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से बदरी-केदार मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने भी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने को लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मदमहेश्वर धाम में पूरे सीजन में इतिहास में पहली बार 19,877 यात्रियों ने दर्शन किए, जबकि गत वर्ष 12,882 यात्री ही दर्शनों को पहुंचे थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सात हजार यात्री अधिक पहुंचे हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने से जहां पर्यटन एवं तीर्थाटन को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है।
पंचकेदार में शामिल प्रथम केदारनाथ, द्वितीय मदमहेश्वर, तृतीय तुंगनाथ, चतुर्थ रुद्रनाथ एवं पंचम कल्पेश्वर शामिल है। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय केदार रुद्रप्रयाग जनपद में हैं, जबकि चतुर्थ एवं पंचम केदार चमोली जनपद में स्थित है। जनपद के ऊखीमठ ब्लॉक के अन्तर्गत द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम 3,497 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां शिव के मध्य भाग नाभि की पूजा की जाती है। माना जाता है कि मंदिर का निर्माण पांडवों ने किया था। गत बीस मई को द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए थे।
इस बार द्वितीय केदार मदमहेश्वर में रिकार्डतोड़ यात्री पहुंचे हैं, जो अब तक के इतिहास में सबसे अधिक हैं। यात्रा के शुरुआत से ही इस बार यात्रियों के पहुंचने से पैदल मार्ग पर खूब चहल पहल दिखी। गत वर्ष जहां 12,882 यात्री मदमहेश्वर के दर्शनों को पहुंचे थे, वहीं इस वर्ष पूरे सीजन में 19,877 यात्री मदमहेश्वर धाम के दर्शनों को पहुंचे हैं। पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा देखा गया। यात्रियों की संख्या बढ़ने से मंदिर समिति की आय में भी इजाफा होने के साथ ही यात्रा से जुडे व्यापारियों के चेहरों पर भी रौनक देखी गई।
आपदा से पहले वर्ष 2012 की बात करें तो पूरे सीजन में लगभग दो हजार यात्री दर्शनों को पहुंचे थे। केदारनाथ आपदा के बाद सात वर्षों तक पूरे सीजन में पांच सौ से चार हजार के आसपास यात्रियों की संख्या रही। वर्ष 2020-2021 में कोरोना के चलते नाममात्र यात्री ही मदमहेश्वर धाम के दर्शनों को पहुंचे। इसके बाद वर्ष 2022 में पूरे सीजन में 7373 यात्रियों ने मदमहेश्वर के दर्शन किए। जबकि वर्ष 2023 पूरे सीजन में 12,882 यात्रियों ने मदमहेश्वर धाम के दर पर पहुंचकर मत्था टेका था। जो अब तक सबसे अधिक संख्या रही थी। वहीं इस वर्ष 19,877 यात्रियों के दर्शनों को पहुंचने से अब तक के सभी रिकॉर्ड भी टूट गए है।
द्वितीय केदार बाबा मदमहेश्वर धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने से बदरी-केदार मंदिर समिति के साथ जिला प्रशासन भी व्यवस्थाओं को बढ़ाने को लेकर कार्य योजना बनाने की तैयारी में है। इससे यहां के तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मुहैया हो सकेंगे। द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का आवागमन हुआ है। बाबा मदमहेश्वर के प्रति भक्तों की आस्था बढ़ती जा रही है। यात्रा में जिला प्रशासन स्तर से भी तीर्थयात्रियों का हरसंभव सहयोग किया गया, जिससे तीर्थाटन एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। वहीं छह वर्षों में मदमहेश्वर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। साल 2019 में 5675 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। वहीं साल 2020 में 473 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। जबकि साल 2021 में 757 श्रद्धालु, साल 2022 में 7373 श्रद्धालु, साल 2023 में 12882 श्रद्धालु और इस साल 2024 में 19877 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

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