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उत्तराखंड कैबिनेट के फैसले: विजिलेंस के ढांचे में बड़ा बदलाव, 11 पद होंगे खत्म और छह नए पदों का होगा सृजन

उत्तराखंड कैबिनेट के फैसले: विजिलेंस के ढांचे में बड़ा बदलाव, 11 पद होंगे खत्म और छह नए पदों का होगा सृजन

मंत्रिमंडल ने सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत आठ कांस्टेबल नागरिक पुलिस, एक कांस्टेबल डाक रनर और दो कांस्टेबल चालक के पद समाप्त किए जाएंगे। इस तरह कुल 11 पद समाप्त होंगे। जबकि, हेड कांस्टेबल के पांच पद बढ़ाते हुए छह नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

वहीं, विजिलेंस अधिष्ठान में हेड कांस्टेबल नागरिक पुलिस के पांच पद बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा एएसआई सिविल पुलिस के तीन, हेड कांस्टेबल डाक रनर का एक, हेड कांस्टेबल चालक का एक और एएसआई चालक का एक नया पद सृजित किया जाएगा। इस तरह छह नए पदों का सृजन होगा, जबकि मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के पांच पदों में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चार अक्तूबर को चंपावत स्थित एनएचपीसी बनबसा में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। पुनर्गठन के तहत विजिलेंस अधिष्ठान में विभिन्न संवर्गों के पदों की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।

अब दूसरे व्यक्ति को भी बनाया जा सकेगा सहायक लोक अभियोजक

मंत्रिमंडल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधानों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट राज्य सरकार को 14 दिन का नोटिस देने के बाद किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित मामले के लिए सहायक लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जरूरत के अनुसार अभियोजन कार्य के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इससे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए किसी मामले में सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति का रास्ता खुल सकेगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में अभियोजन से जुड़े प्रावधानों के तहत यह निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों के साथ इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

विजिलेंस से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी

विजिलेंस से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में आवश्यक संशोधन करने के प्रस्ताव को भी मंत्रीमंडल ने मंजूरी दे दी है। यह संशोधन भारतीय न्याय संहिता, 2023 लागू होने के बाद उसकी परिवर्तित धाराओं के अनुरूप किया जाएगा। मंत्रिमंडल के इस फैसले का उद्देश्य विजिलेंस अधिष्ठान से संबंधित पुराने प्रावधानों को नई न्याय संहिता के अनुरूप बनाना है। इसके लिए अधिसूचना में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे, जिससे पुराने आईपीसी और सीआरपीसी नियमों और वर्तमान कानूनी प्रावधानों के बीच सामंजस्य स्थापित हो सके।

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