देहरादून। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न कारणों के चलते विकास कार्यों की प्रगति प्रभावित ना हो इसके लिए पूर्व प्लान बनाएं जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय और बाहय सहायतित योजनाओं में समय से पूरा बजट प्राप्त हो, इसके लिए बेहतर प्रस्ताव और उपयोगिता प्रमाण- पत्र समय से प्रेषित करें विभाग उपरोक्त दिशा- निर्देश वित्त मंत्री ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, शहरी आवास, ग्राम्य विकास और विद्यालय शिक्षा विभाग की आयोजित की गई वित्तीय प्रगति की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए गए। वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि विभाग अपने बजट के खर्चों का निर्धारण पूर्व प्लान के अनुरूप इस प्रकार से करें ताकि मानसूनी वर्षा, दुर्गम क्षेत्रों में सर्दी की बाध्यताओं और चुनाव- उपचुनाव पर जाया होने वाले समय का भी विकास कार्यों की प्रगति पर किसी भी तरह का नकारात्मक प्रभाव ना पड़े।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय और बाहय सहायतित योजनाओं की धनराशि समय से और पर्याप्त मिल सके इसके लिए पहले से ही निर्माण कार्यों और विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाकर रखें तथा उपयोगिता प्रमाण- पत्र भी समय से निर्गत करें। मंत्री ने निर्देश दिए कि मेरा गांव, मेरी सड़क योजना का क्रियान्वयन स्थानीय विधायकों के समन्वय से करें। निर्देश दिए कि आगामी समय में भूमि अधिग्रहण मद में सभी विभाग धनराशि की मांग उतनी ही करें जिसका शत प्रतिशत खर्च होने का पूर्व में ही प्लान कर लिया गया हो।
कहा कि विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति से जुड़े हुए अंतर्विभागीय मुद्दों का आपसी समन्वय से निस्तारण करें तथा वित्त विभाग से बजट को समय से रिलीज करवाएं तथा पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धनराशि का सदुपयोग करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सचिव शिक्षा को निर्देशित किया कि पुराने और जर्जर सभी स्कूली भवनों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर या तो नए भवन बनवाएं अथवा जिनकी मरम्मत की जानी है उनकी शीघ्रता से मरम्मत करवाएं। मंत्री ने संबंधित विभागों के वित्तीय खर्चों की आख्या प्राप्त करते हुए जारी की गई धनराशि के बेहतर सदुपयोग को सुनिश्चित करने के लिए नवाचार को भी अपनी कार्यप्रणाली का अंग बनाने के निर्देश दिए।
इस दौरान संबंधित विभागों द्वारा बैठक में अपनी वित्तीय और भौतिक प्रगति की आख्या प्रस्तुत की गई तथा प्रगति के बेहतर इंप्लीमेंटेशन के संबंध में आने वाले अवरोधों, फीडबैक और महत्वपूर्ण सुझावों से भी अवगत कराया। सचिव विद्यालय शिक्षा रविनाथ रमन ने विद्यालय शिक्षा में नए खर्चे में अधिक डिमांड होने के चलते नए प्रस्ताव पर बजट खर्च का अनुपात बढ़ाने का आग्रह किया।
संबंधित विभागों के अधिकारियों ने जून तक चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावित होने और मानसूनी वर्षा के देरी तक रहने के चलते वित्तीय प्रगति में थोड़ा सा विलंब जरूर स्वीकारा लेकिन साथ ही कहा कि वित्तीय प्रगति को तेजी से बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर प्लान बना लिया गया है और वित्तीय धनराशि का समय से, गुणवत्ता से और पारदर्शिता से सदुपयोग सुनिश्चित कर लिया जाएगा। मंत्री ने संबंधित विभागों के राजस्व वसूली के प्रस्तुत किए गए आंकड़ों पर संतोष व्यक्त करते हुए सीजीएसटी, आबकारी, खनन, वन विभाग, ऊर्जा विभाग, ट्रांसपोर्ट, स्टांप और रजिस्ट्रेशन इत्यादि विभागों को राजस्व वसूली में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग और ऊर्जा विभाग को राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव राधिका झा, रविनाथ रमन, दिलीप जावलकर, नितेश झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, हरिश्चंद्र सेमवाल, विनोद कुमार सुमन, डॉ आर राजेश कुमार, वी के षणमुगम, अपर सचिव सी रविशंकर, डॉ अहमद इकबाल व धीरज गबर्याल, महानिदेशक शिक्षा झरना कमठान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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पारदर्शिता व बेहतर गुणवत्ता के साथ तेजी से वित्तीय प्रगति बढ़ाएं विभागः वित्त मंत्री
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ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे का 50 मीटर हिस्सा नदी में समाया
श्रीनगर गढ़वाल। ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे-7 फरासु के पास खतरे की जद में आ गया है। यहां अलकनन्दा नदी पर बनी झील के कटाव के कारण नेशनल हाईवे का करीब 50 मीटर हिस्सा नदी में समा गया। ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे कई पहाड़ के जिलों की लाइफ लाइन है। फिलहाल लोक निर्माण विभाग हाईवे की टूटे हुए हिस्से की मरम्मत में लगा हुआ है।
श्रीनगर नगर पालिका के पूर्व वार्ड मेंबर जितेंद रावत ने कहा कि जो हिस्सा नदी में समाया है, उसको लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग को शिकायत की गई थी, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और धीरे-धीरे ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे का करीब 50 मीटर अलकनन्दा नदी में समा गया।
जितेंद रावत का ये भी कहना है कि यदि समय रहते ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर ध्यान दिया जाता तो इस कटाव का आसानी से ट्रीटमेंट भी होता जाता है, लेकिन लेकिन अब झील के कटाव से पूरी सड़क ही नीचे आ गयी है, जो भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
बता दें कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम जाने के लिए श्रद्धालु इस हाईवे से गुजरते है। वहीं ये हाईवे रुद्रप्रयाग और चमोल जिले को सीधे ऋषिकेश, हरिद्वार और राजधानी देहरादून से जोड़ता है। वहीं इस हालत को लेकर जब लोक निर्माण विभाग खंड एनएच के सहायक अभियंता गर्विता पांडेय से बात की गई तो झील के पानी के कटान के चलते हाईवे करीब 50 मीटर नदी में समा गया। टूटे हुए हिस्से को सही करने का प्रयास किया जा रहा है। -

उल्लुओं की हिफाजत के लिए वन विभाग ने जारी किया अर्लट
देहरादून। दीपावली पर्व आते ही उल्लुओं की जान पर आफत आ जाती है। आफत की वजह कोई बीमारी या प्राकृतिक बदलाव नहीं। बल्कि, इंसानी अंधविश्वास है। इसी अंधविश्वास के चलते कुछ लोग दिवाली पर तंत्र-मंत्र, साधना या सिद्धि पाने की लालच में इन उल्लुओं की बलि देते हैं। जिससे लुप्तप्राय इन उल्लुओं की तमाम संकट में आ गए हैं। यही वजह है कि अभी से वन महकमे ने कमर कस ली है। साथ ही जंगलों में उल्लुओं की हिफाजत को लेकर गश्त बढ़ा दी है। भारत में बलि प्रथा जैसी कुरीतियों से तो जन जागरूकता के बाद छुटकारा मिल गया, लेकिन अब भी अंधविश्वास का अंधेरा लोगों को भ्रमित कर रहा है। ऐसे ही एक अंधविश्वास ने उल्लू को संकट में ला दिया है। खास बात ये है कि यह अंधविश्वास ऐसे समय पर सबसे ज्यादा प्रबल हो जाता है, जब देशभर में लोग बुराई पर अच्छाई की विजय का त्योहार दीपावली मनाने की तैयारी कर रहे होते हैं।
दरअसल, दीपावली से पहले धन की देवी मां लक्ष्मी के वाहन माने जाने वाले उल्लूओं के शिकार का खतरा बढ़ जाता है। इस बात की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि दीपावली से करीब एक महीने पहले ही वन विभाग अलर्ट जारी कर देता है। इस कड़ी में उत्तराखंड वन विभाग ने भी प्रदेश भर में उल्लुओं के शिकार की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। उल्लुओं की तस्करी के अक्सर देशभर के कई राज्यों में मामले सामने आते रहे हैं। माना जाता है कि दीपावली पर तांत्रिक काला जादू करने के लिए उल्लू के अंग का इस्तेमाल करते हैं। जिससे धन संपदा पाने के साथ ही वशीकरण और गंभीर बीमारियां दूर करने का दावा किया जाता है। किसी अंधविश्वास के लिए दीपावली पर उल्लू की डिमांड बढ़ जाती है। डिमांड बढ़ने के साथ इसके शिकार की संभावना भी बेहद ज्यादा हो जाती है। तांत्रिक उल्लू की बलि देकर इसके नाखून, चोंच, पंख, और आंखों का इस्तेमाल कर तंत्र विद्या के जरिए लोगों की समस्या का पल भर में उपाय करने का दावा करते हैं और इसी अंधविश्वास में लोग फंस जाते हैं।
दुनियाभर में उल्लू की करीब 250 प्रजातियां मौजूद हैं। जिसमें से 50 प्रजातियों को खतरे में माना गया है। भारत की बात करें तो यहां उन लोगों के करीब 36 प्रजातियां मौजूद हैं, जिसमें ज्यादा प्रजाति संकटग्रस्त सूची में शामिल हैं। हालांकि, सबसे ज्यादा अवैध व्यापार में उल्लुओं की 16 प्रजातियों को दर्ज किया गया है। इनमें से मुख्य रूप से ब्राउन हॉक उल्लू, कॉलर वाला उल्लू, चित्तीदार उल्लू, रॉक ईगल उल्लू, धब्बेदार कास्ट उल्लू, एशियाई बैरड़ उल्लू, बोर्न उल्लू शामिल हैं। जिन पर अवैध शिकार के चलते लगातार खतरा मंडरा रहा है। उल्लू को पारिस्थितिकी तंत्र का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उल्लू तमाम कीटों और छोटे जीवों की संख्या को नियंत्रित करने का काम करता है। अपने इसी अहम रोल के कारण उल्लू किसानों का भी बेहद अहम हिस्सा या मित्र माना जाता है। दरअसल, उल्लू एक शिकारी पक्षी है। जो छोटे जीवों और कीड़ों को खाकर जीवन बिताता है। इसमें चूहे, मेंढक, छिपकली और कीड़े शामिल हैं। वैसे उल्लुओं की औसत आयु 25 साल मानी जाती है। अपने इस जीवन काल में वो पारिस्थितिकी तंत्र को नियंत्रित करने का महत्वपूर्ण काम करता है। -

सीएम धामी की सुरक्षा में बड़ी चूक
देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय के जिस गेट से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री आवास या फिर किसी कार्यक्रम में जाने के लिए रवाना होते हैं, अक्सर उस गेट पर सुरक्षा में चूक के मामले सामने आते रहे हैं। शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय से रवाना हो रहे थे उसके लिए एग्जिट गेट को खोला गया तो गेट के सामने गाड़ी खड़ी दिखाई। इसके बाद सचिवालय सुरक्षा प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बता दें सीएम के रवाना होने की सूचना, सीएम के सचिवालय से निकलने के 10 मिनट पहले ही आ जाती है, लेकिन 10 मिनट पहले जब सचिवालय सुरक्षा प्रशासन ने गेट खोला तो बाहर एक गाड़ी खड़ी दिखाई दी। जिसके चलते सीएम की फ्लीट का रूट क्लियर कराने के लिए एग्जिट गेट के बाहर खड़े ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने गेट के बाहर खड़ी गाड़ी के वाहन नंबर से वाहन स्वामी का नंबर निकाल कर उसको करीब 10 बार फोन किया, लेकिन वाहन स्वामी की ओर से कोई रिस्पांस नहीं दिया गया।
जिसके चलते सचिवालय सुरक्षा प्रशासन और ट्रैफिक कर्मचारी के सामने चुनौती और अधिक बढ़ गई। आनन फानन में गाड़ी टो करने वाली क्रेन को बुलाया गया, लेकिन क्रेन को आने में लगभग 20 मिनट का समय लग गया। तब तक सीएम अपने कक्ष चौथे तल से उतरकर नीचे आ गए थे। साथ ही वे वाहन में भी सवार हो गए थे। जिसके चलते जल्दबाजी में क्रेन को एग्जिट गेट से अंदर घुसाया गया। गाड़ी को गेट से हटाते हुए सचिवालय के अंदर किया गया।
इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फ़्लीट एग्जिट गेट से रवाना होने लगी। सचिवालय के एग्जिट गेट से थोड़ा सा आगे ही क्रेन और वाहन खड़ा रहा। उसी के बगल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फ़्लीट निकली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फ्लीट निकालने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर क्रेन के जरिए ट्रैफिक कंट्रोल ऑफिस भेजा। बड़ा सवाल खड़ा होता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एग्जिट गेट पर कई बार गाड़ियां लग जाती हैं। बाद में सचिवालय सुरक्षाकर्मियों को उन गाड़ियों को हटाना पड़ता है। बावजूद इसके एग्जिट गेट पर नो पार्किंग का बोर्ड नहीं लगाया जाता है। दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को करीब 12ः00 बजे सचिवालय पहुंचे। मुख्य रूप से आज सचिवालय में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बड़ा कार्यक्रम था। यूनिफॉर्म सिविल कोड की नियमावली तैयार करने के लिए गठित रूल्स मेकिंग एंड इंप्लीमेंटेशन कमेटी ने यूसीसी रूल्स का ड्राफ्ट, सीएम धामी को सौंपना था। इस कार्यक्रम के संपन्न होने और तमाम शासकीय कार्य निपटाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करीब ढ़ाई बजे मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हो रहे थे, तभी ये घटना घटी। जिसके चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को करीब 5 से 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। -

मसूरी की व्यवस्था सुधारने सड़क पर उतरे डीएम व एसएसपी
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने मसूरी में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर संयुक्त निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने भविष्य की जरूरत दृष्टिगत रखते हुए सेटेलाइट पार्किंग की दिशा में कार्य योजना पर कार्य करने के दिए निर्देश।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मॉल रोड पर निर्धारित समय पर ही वाहनों को आवागमन की अनुमति दी जाए इसके लिए एसडीएम मसूरी को दिए समय सारणी निर्धारित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शटल सेवा संचालन हेतु प्रभावी कार्यवाही करें, शटल सेवा के लिए निर्धारित चार्ज रखें, गैप फंडिंग प्रशासन द्वारा की जाएगी। टैक्सी यूनियन वाले भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। डीएम ने किंग्रेग पार्किंग का निरीक्षण किया , डीएम ने एक सफ्ताह के भीतर पार्किंग व्यवस्था सुचारू करने तथा शौचालय बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने हाथीपांव रोड पर निरीक्षण के पार्किंग की संभावना देखी, प्रभावी प्लान तैयार करने के निर्देश। डीएम ने नगर निकाय के अधिकारियों को टोल पर पीओएस मशीन, गोल्फ कार्ड लगाने के निर्देश। डीएम ने पर्यटकों की सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे लगाए, नहीं होगी धन की कमी डीएम ने पुलिस के अधिकारियों को निर्देश। साथ ही यातायात में सुधार हेतु उपकरण आदि की मांग के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, एसडीएम मसूरी अनामिका, एसएसपी यातायात मुकेश कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी मसूरी अनुज कुमार, अधि अभि लोनिवि जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, आरटीओ शैलेश तिवारी आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। -

गोर्खा दशैं दीपावली महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ गोर्खाली स्वादिष्ट व्यंजनो का स्वाद बना दूनवासियों की ख़ास पसंद
देहरादून। तीन दिवसीय गोर्खा दशैं-दीपावली महोत्सव मेले का उद्घाटन महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट देहरादून में दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। आन्या गोयल की तरफ से गणेश वंदना कि प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि अजय टम्टा,सांसद अल्मोडा एवं राज्य मंत्री सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, महिंद्रा ग्राउंड गढ़ी कैंट देहरादून में अपने उदघोष के साथ किया। महोत्सव में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सतपाल जी महाराज ने अपने उद्बोधन में वीर गोर्खा कल्याण समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस प्रकार का प्रेम बंधन राम जी और सीता जी में हैं, ठीक उसी प्रकार का सद्भावना और प्रेम के संबंध को भारत व नेपाल के बीच स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द हम लोग भगवान श्रीराम की बारात लेकर जनकपुरी जायेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए, जिससे कि संस्कृति और परम्परा को बढ़ावा मिलता है।
प्रतिभा नृत्य अकादमी समूह के सदस्य ने अपने बेहतरीन प्रस्तुति से दर्शक दीर्घा में बैठे सभी दर्शकों का दिल जीत लिया प् एक तरफ जहाँ प्रतिभा नृत्य अकादमी के विशाल और देवांश ने भारतीय सैनिक की जीवन शैली से आधारित नाट्य प्रस्तुत किया, साथ ही दिव्या तिमिनसिना विभिन्न स्थानीय लोक कला के माध्यम से गोरखाली संस्कृति के विभिन रंग,कला,गीतों को दिखाकर लोगो को गोरखाली संस्कृति के विषय में बताया। वीर गोर्खा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने अजय टम्टा सांसद अल्मोडा एवं राज्य मंत्री सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, एवं सतपाल जी महाराज, मंत्री पर्यटन, सांस्कृतिक, सिंचाई, अभिनव कुमार पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड एवं कार्यक्रम में मौजूद सभी महमानों का धन्यवाद किया प् उन्होंने कहा कि दूनवासियों के लिए मेले में गोर्खाली स्वादिष्ट व्यंजन, सरकारी और अर्ध सरकारी विभिन्न प्रकार के स्टॉलों की प्रदर्शनी, गोर्खाली पारंपरिक वस्त्रों और परिधानों का अद्वितीय प्रदर्शन आर्मी द्वारा प्रस्तुत खुखुरी नृत्य, तथा दशै दिपावली पर आधारित नाट्य-नाटिका का आयोजन किया गया है। इसके अलावा बच्चों के लिए खेल सामग्री और झूलों की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि देहरादूनवासी महोत्सव में गोर्खाली व्यंजनों का भरपूर मजा ले रहे हैं और विभिन्न स्टॉलों में पारंपरिक वस्त्रों की खरीदारी की गतिविधियाँ तेजी से चल रही हैं। हर व्यक्ति के चेहरे पर ख़ुशी की ओर उमंग की लहर स्पष्ट नज़र आ रही है। कार्यक्रम में उपस्थित वीर गोर्खाकल्याण समिति के महासचिव विशाल थापा ने बताया कि महोत्सव में गोरखाली संस्कृति की धूम रही। उन्होंने बताया कि मेले के पहले दिन लोगो में उत्साह और उमंग के नज़ारे देखने को मिले। इस अवसर पर दून वासियों ने पारंपरिक वेष भूषा, ढाका टोपी,नेपाली साड़ियों की खरीदारी कीप् साथ ही नेपाली व्यंजन सेल रोटी,भुटवा मीट और प्रसिद्ध गोरखा चटनी का स्वाद भी लोगों ने चखा। समिति के सांस्कृतिक सचिव देवकला दीवान ने बताया कि गोर्खा दशैं दीपावली महोत्सव-2024 मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम में गोरखा ग्रुप द्वारा डांस की प्रस्तुति दी गई। -

मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने राज्यपाल से की भेंट
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से गुरुवार को राजभवन में उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने शिष्टाचार भेंट की।
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केदारनाथ उपचुनाव में कांग्रेस की मजबूत स्थिति से घबराकर अफवाहें फैला रही भाजपाः गरिमा मेहरा दसौनी
देहरादून। केदारनाथ विधानसभा के उपचुनाव में वातावरण प्रतिकूल देख बौखला गई है भारतीय जनता पार्टी और मनगढ़ंत अफवाहें फैलाने का काम कर रही है, यह कहना है उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी का। बृहस्पतिवार को प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में मीडिया बंधुओ से बातचीत करते हुए गरिमा ने उत्तराखंड कांग्रेस में गुटबाजी की खबरों को सिरे से नकारते हुए कहा की मीडिया में दिखाई जा रही और छप रही खबरें भारतीय जनता पार्टी का षड्यंत्र है जिसमें वह हमेशा से सिद्ध हस्त रही है। गरिमा ने कहा कि जब भी भारतीय जनता पार्टी को अपनी हार सामने दिखाई पड़ती है तो वह इसी तरह के प्रपंच रचने का काम करती है। दसोनी यही नहीं रुकी और उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भाजपा यह पहले दिन से जानती है कि केदार नाथ उपचुनाव उनके लिए टेडी खीर साबित होने जा रहा है ,इसीलिए सरकारी खर्च पर पांच-पांच काबिना मंत्रियों को दौड़ाया जा रहा है और उससे भी बात बनती नहीं दिख रही तो मुख्यमंत्री ने चुनावी पुलाव के रूप में घोषणाओं की झड़ी लगा दी है।
दसौनी ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी पांच काबिना मंत्रियों को केदारनाथ चुनाव का प्रभार देती है तो किसी को कोई परेशानी नहीं होती और उत्तराखंड कांग्रेस यदि अपने पर्यवेक्षकों की संख्या 2 से 4 कर देती है तो उसे गुटबाजी और अंतर्कलह का नाम दे दिया जाता है। दसौनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के यह पैंतरे बहुत पुराने हो चुके हैं। उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा नियुक्त चारों पर्यवेक्षक 19 अक्टूबर को एक साथ केदारनाथ पहुंच रहे हैं ,उत्तराखंड कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट और एक मुठ है पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण से कार्य करते हुए नवनियुक्त सभी पर्यवेक्षक गण सर्वे के आधार पर संभावित प्रत्याशियों का पैनल शीर्ष नेतृत्व को भेजने का कार्य करेंगे ।
चुनाव लड़ने के इच्छुक आवेदनकर्ता का जनाधार, उसकी छवि ,पार्टी के प्रति निष्ठा और योगदान इत्यादि प्रत्याशी चयन में मुख्य भूमिका निभाएंगे। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा कि केदारनाथ विधानसभा की जनता बहुत पढ़ी-लिखी और सुलझी हुई जनता है और हर बार उसने अपने विवेक से फैसला किया है। 2012 में केदारनाथ की देव तुल्य जनता ने जहां कांग्रेस प्रत्याशी को अपना विधायक चुना तो वहीं 2017 में भाजपा की 57 की सुनामी में भी कांग्रेस की सरकार गिराने का महापाप करने पर केदारनाथ की जनता ने भाजपा प्रत्याशी को सबक सिखाते हुए कांग्रेस के प्रत्याशी को चुना।
दसौनी ने कहा कि इन सब बातों से यह साबित होता है कि केदारनाथ विधानसभा की जनता अपने विवेक से निर्णय करती है, वह ना घोषणाओं के लालच में आती है और ना ही भारी भरकम मंत्रियों की उपस्थिति उन्हें प्रभावित कर सकती है ।
कांग्रेस की कलह और गुटबाजी की सभी खबरों पर विराम लगाते हुए दसौनी ने बताया की कुछ कारणों से 18 अक्टूबर का कार्यक्रम 19 अक्टूबर में तब्दील किया गया और इसी छोटी सी बात को भाजपा ने मीडिया का सहारा लेकर तिल का ताड़ बना दिया ।
गरिमा ने कहा की एक ओर केदारनाथ की जनता जहां राज्य की भाजपा सरकार से चार धाम यात्रा की अव्यवस्थाओं से नाराज है वही हाल ही में आई आपदा के समय केदार घाटी की अनदेखी से आक्रोशित है।
गरिमा ने कहा की केदारनाथ से चुनी हुई विधायक के अंतिम संस्कार में शामिल न होकर प्रदेश के मुखिया ने केदारनाथ की जनता का अपमान किया और उसी दिन दिल्ली के बौराड़ी में केदारनाथ धाम के ही नाम से एक प्रतीकात्मक मंदिर का शिलान्यास करने का महापाप किया, उस जख्म को केदारनाथ विधानसभा की जनता आज तक नहीं भूल पाई है ।
हिंदू सनातन धर्म की आड़ में राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी का असली चेहरा केदारनाथ की जनता जान चुकी है, सोना चोरी , क्यू आर कोड, गर्भ गृह की परंपराएं मान्यताएं ताक पर रखना, गुफा का नया नामकरण करना, लाइट एंड साउंड प्रोग्राम करना और बीकेटीसी की तानाशाही इन सबसे कुकृतयों से भारतीय जनता पार्टी का छद्म हिंदुत्व पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दसौनी ने कहा कि भाजपा राज में जो बेरोजगारी और महंगाई का आलम है उससे केदारनाथ की जनता भी अछूती नहीं है। भाजपा के नेताओं की वजह से जो भर्ती प्रश्न पत्र लीक हुए उससे केदारनाथ विधानसभा की युवाओं का भी नुकसान हुआ, अग्नि वीर योजना ने उनके सपनों को भी चकनाचूर किया, भाजपा नेताओं द्वारा किये जा रहे महिला दुष्कर्मों से केदारनाथ विधानसभा की मातृशक्ति भी आहत है। इसलिए उपरोक्त सभी बातों के मध्य नजर भाजपा के केदारनाथ उप चुनाव जीतने के सारे दावे मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसे हैं। -

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की जरूरतः राज्यपाल
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को राजभवन ऑडिटोरियम में विश्व ट्रॉमा दिवस के अवसर पर एम्स ऋषिकेश द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने एम्स के ट्रॉमा केंद्र में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी, एम्स ऋषिकेश के सफाई कर्मचारी एवं शवगृह सहयोगियों को उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क दुर्घटनाओं को कम करना एक बड़ी चुनौती है एवं इस चुनौती से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा से पीड़ित व्यक्ति के प्रति सिर्फ चिकित्सकों की ही नहीं अपितु सर्वसमाज की जिम्मेदारी है और हेल्थ, एसडीआरएफ, एनसीसी और रेडक्रॉस की टीमों को समन्वय कर इसे आगे बढ़ाना चाहिए।
राज्यपाल ने एम्स द्वारा आयोजित किए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों में लगभग 5000 छात्रों को प्रशिक्षण देना एम्स ऋषिकेश द्वारा किए गए सबसे प्रभावशाली प्रयासों में से एक है और यह पहल एक मजबूत और सुरक्षित समुदाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश ने राज्य सरकार के साथ मिलकर 250 से अधिक मरीजों की सफलतापूर्वक हेलीकॉप्टर द्वारा निकासी की है, जिससे समय पर जीवन रक्षक चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सकी है।
राज्यपाल ने कहा कि एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित हेली एम्बुलेंस और टेलिमेडिसिन सुविधा से विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस पहाड़ी राज्य में स्वास्थ्य से संबंधित चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी प्रभावशाली तकनीक के प्रयोग से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है और उत्तराखण्ड के सभी स्वास्थ्य सुविधा अवयवों को मिलकर टेलिमेडिसिन एवं एआई युक्त सुविधाओं का एक विश्व स्तरीय मॉडल तैयार करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि विश्व ट्रॉमा दिवस के अवसर पर, हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने समुदायों को सुरक्षित और अधिक सक्षम बनाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ‘संजीवनी’ नामक परियोजना शुरू होने जा रही है, जिसके तहत अगले एक वर्ष तक मरीजों को निशुल्क हेलीकॉप्टर से निकाला जाएगा। कार्यक्रम में ट्रॉमा विभाग के डॉ. मधुर उनियाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ट्रॉमा विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन प्रो. जया चतुर्वेदी, ट्रॉमा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम, डॉ. नवीन कुमार सहित एसडीआरएफ के जवान, एम्स ऋषिकेश के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। -

स्पिक मैके के कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार अरूपा गायत्री पांडा ने दी ओडिसी नृत्य की शानदार प्रस्तुति
देहरादून। स्पिक मैके के तत्वावधान में, प्रसिद्ध कलाकार अरूपा गायत्री पांडा द्वारा आज बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग में ओडिसी नृत्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। एसआरएफ फाउंडेशन द्वारा समर्थित, अरूपा ने गायन में राजेश कुमार लेनका, बांसुरी पर रुद्र प्रसाद परिदा और मर्दला पर तारिणी प्रसाद परिदा के साथ प्रस्तुति दी। नई दिल्ली के दूरदर्शन केंद्र की ए-ग्रेड कलाकार अरूपा गायत्री पांडा को अपनी पीढ़ी में ओडिसी के बेहतरीन कलाकारों में से एक माना जाता है। तीन साल की उम्र में नृत्य की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने पद्मश्री गुरु गंगाधर प्रधान, पद्मश्री गुरु अरुणा मोहंती और गुरु मधुस्मिता मोहंती सहित प्रतिष्ठित गुरुओं से प्रशिक्षण लिया। वर्तमान में श्री श्री विश्वविद्यालय, कटक में सहायक प्रोफेसर के रूप में, उन्होंने दुनिया भर के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शन किया है।
भगवती स्तोत्र और वल्लभाचार्य के मधुराष्टकम के माध्यम से कृष्ण लीला के उनके चित्रण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी तरल और भावपूर्ण हरकतों ने ओडिसी की पारंपरिक सुंदरता को रचनाओं के आध्यात्मिक उत्साह के साथ जोड़ दिया। आज उन्होंने राफेल स्कूल में भी प्रस्तुति दी, जहां बच्चे उनके आकर्षक प्रदर्शन से रोमांचित हो गए। कार्यक्रम के अंत में, उन्होंने एक कार्यशाला आयोजित की, जिसमें छात्रों को ओडिसी नृत्य के कुछ स्टेप सिखाए गए। इससे पहले अपने सर्किट में, अरूपा गायत्री पांडा ने यूनिवर्सल एकेडमी और हिमज्योति स्कूल में भी प्रदर्शन किया।