Category: विविध

  • समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं ने विभिन्न मुद्दों पर डीएम से की चर्चा

    समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं ने विभिन्न मुद्दों पर डीएम से की चर्चा

    देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल से जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दो पर संवाद चर्चा की। पर्यावरण संरक्षण में जुटे मैड के युवाओं ने बुके भेंट कर जिलाधिकारी का अभिनन्दन किया। जिलाधिकारी ने सभी समाजसेवियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचने में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण,जल संरक्षण एंव सवंर्धन सहित ऐतिहासिक, हेरिटेज स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सामाजिक संस्थाओं तथा स्थानीय जनमानस का सहयोग सदैव ही अपेक्षित है, जिससे पर्यावरण, स्वच्छता एंव संवर्धन अभियान को मजबूती मिलने के साथ ही चीजें धरातल पर दिखेगी।
    इस चर्चा के दौरान दून को हरा भरा साफ-सुथरा रखने में जन सहयोग, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए नागरिकों के सकारात्मक सुझावों को शामिल करके अपेक्षित परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकेंगे।दून के पर्यावरण को बचाने की हर कोशिश स्वागत योग्य होगी। कुछ ऐसे ही विचार जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुए पारस्परिक संवाद में सामने आए।जिसमें दून की 21 से अधिक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
    समाजसेवियों ने जिलाधिकारी द्वारा जनहित में उठाए गए कदमों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आशा प्रगट की की सभी विभागों के साथ समन्वय बनाने में नागरिकों का भी सहयोग शामिल किया जाएगा।संवाद में वेस्ट मैनेजमेंट की समस्याओं,सड़कों पर जाम,अतिक्रमण, पार्किंग की दिक्कतो,फ्लाईओवर के नीचे असामाजिक सामाजिक तत्वों का जमावड़ा,नशाखोरी पर लगाम,ध्वनि वायु जल प्रदूषण से नागरिकों की परेशानियां, रिस्पना बिंदाल की सफाई,किन्नर समाज द्वारा आम नागरिकों के उत्पीड़न को रोकने आदि जनसमस्याओं से जिलाधिकारी को रूबरू कराया गया।शहर की सड़कों पर वाहनों के दवाब का एकमात्र समाधान नोएडा दिल्ली की भांति शहर में चारों ओर सड़कों के ऊपर एलिवेटेड रोड का निर्माण सुझाया गया। संवाद के अंत में नागरिकों ने जिलाधिकारी को जनहित में उठाए गए कदमों में सहयोग देने का आश्वासन दिया।
    वहीं नागरिक संयुक्त संगठन के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी द्वारा जनपद में किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए सामाजिक संगठनों द्वारा हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा शहर की व्यवस्थाएं संवारने में किये जा रहे कार्यों की भूरी-भूरी सराहना करते हुए कार्यों को 21 तोपों की सलामी देने जैसा बताया। संवाद में मैती आंदोलन के पद्यश्री कल्याण सिंह रावत,लेफ्टिनेंट कर्नल बीएम थापा,ब्रिगेडियर केजी बहल,गिरीश चंद्र भट्ट,चंदन सिंह नेगी, प्रकाश नागिया,अवधेश शर्मा,शक्ति प्रसाद डिमरी,जगदीश चंद्र आर्य, चौधरी ओमवीर सिंह, पीसी खंतवाल,सुशील सैनी, चंदन सिंह नेगी, प्रिंस कपूर, आरती बिष्ट,आर्यन कोहली,आशीष वर्मा, देवेंद्र पाल मोंटी, नवीन सडाना,सुनील बग्गा, ठाकुर शेर सिंह,कर्नल विक्रम सिंह थापा, जगमोहन मेहंदीरत्ता सहित जिला समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, संदीप सिंह नेगी आदि भी संवाद मैं शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन सुशील त्यागी ने किया।  

  • डा. त्रिलोक व किरन दे रहे हैं हरे रंग वस्त्रों से पौधारोपण व वनों को बचाने का संदेश  

    डा. त्रिलोक व किरन दे रहे हैं हरे रंग वस्त्रों से पौधारोपण व वनों को बचाने का संदेश  

    देहरादून। अपने लिए जिए तो क्या जिए, तू जी, ऐ दिल जमाने के लिए ये पंक्तियां वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी व उनकी पत्नी किरन सोनी पर सटिक बैठती हैं। इस दंपत्ति जोड़ी ने अपने शान शौक छोड़कर पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण व वनों की सुरक्षा के लिए अपना पहनावा ही बदल दिया हैं। वतर्मान परिवेश में जहां लोग महिंगे महिंगे कपड़े खरीद कर पहन रहे हैं वही ये दंपत्ति हरे रंग कपड़ो को पहन कर देश  के राज्यों में भ्रमण करते हैं।
    उनका कहना है हमें अपने लिए नही जीना जीना है तो आनेवाली पीढ़ी के खुशहाल जीवन के लिए। डॉ सोनी कहते हैं औरते मिज़ाजी स्वभाव की होती हैं नए नए पहनावे का विशेष ध्यान रखती हैं मैंने अपनी पत्नी किरन सोनी को कभी नही कहा तुम हरे रंग के कपड़े पहनो। मुझे देखकर वह भी हरे रंग के वस्त्र धारण करने लग गई हैं एक दूसरे को समझे, सुख दुःख का साथी, एक दूसरे में खुशियां ढूंढे यही तो पति पत्नी का रिश्ता है। हमने देहरादून, उत्तर प्रदेश, सहारनपुर, जम्मू, कटरा, वैष्णों देवी, भैरब बाबा, अर्द्धक्वारी मंदिरों के स्थलों तथा पंजाब, अमृतसर, स्वर्ण मंदिर, जलियांवाला बाग हत्याकांड स्थल, वाघा बॉर्डर पर संदेश दिया है। हमें देखकर लोग घेर लेते थे और हरे रंग के कपड़े पहने के बारे में पूछते थे तब में उन्हें पर्यावरण संरक्षण, संवर्द्धन, पौधारोपण व उन्हें बचाने तथा जन्मदिन, शादी की सालगिरह, अपने खास यादगार पलों पर एक पौधा धरती पर उपहार स्वरूप लगाने तथा अतिथियों को फूलों के गुलदस्ते के बजाय उपहार में पौधा देने की अपील करते थे किरन सोनी कहती हैं मेरे पति ने अपने सदरी (जैकेट) के पीछे मेरा पेड़-मेरा दोस्त (मेरा वृक्ष-मेरा मित्र) व आओ मिलकर हरित प्रदेश, देश व विश्व को बनाएंगेष् और उत्तराखंड लिखा है उसे पढ़कर लोग समझ जाते थे कि ये लोग उत्तराखंड से आये है। हमसे कहते थे आप पूरे पहाड़ो को मैदान में लेकर आ गए हैं। ऐसे पर्यटन व तीर्थ स्थलों पर देश के कोने कोने से हजारों लोगों को हमें एक संदेश देने का मौका मिला।

  • मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से की भेंट

    मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से की भेंट

    देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने नई दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की। इस दौरान कई समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया और केंद्रीय मंत्री ने इसे सहर्ष स्वीकार किया।

  • दून के रेंजर्स ग्राउंड में दस दिवसीय सरस मेला 18 अक्टूबर से

    दून के रेंजर्स ग्राउंड में दस दिवसीय सरस मेला 18 अक्टूबर से

    देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने रेंजर्स ग्राउंड में 18 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे दस दिवसीय सरस मेले की तैयारियों के संबंध में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य विकास अधिकारी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं को जांचा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय पर पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कहा कि सरस मेला को दिव्य और भव्य रूप प्रदान करना हमारा उद्देश्य है। यह आयोजन 18 अक्टूबर से शुरू होकर 27 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने मेला के आयोजन के दौरान पेयजल, शौचालय, पार्किंग, अग्निशमन, विद्युत, स्वच्छता सहित अन्य समुचित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिशा निर्देश दिए।उन्होंने पुलिस अधिकारियों को में प्रवेश एंव निकासी सहित सरस मेले की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबन्द करने के निर्देश दिए। कहा कि आयोजित दस दिवसीय सरस मेले में लोक सांस्कृतिक एवं विविध संस्कृति का आकर्षण रहेगा।साथ ही उत्तराखंडी खानपान व व्यंजन के स्टाल, उत्तराखंडी परिधान,विभिन्न राज्यो के स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल आदि के साथ ही प्रतिदिन संध्या को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आयोजन में उत्तराखंड के समस्त जनपदों से कुल 136 स्टॉल और अन्य राज्यो के कुल 50 स्टॉल लगाए जाएंगे।देश प्रदेश के कुल 186 स्टॉल लगाए जाएंगे।
    उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 18 तारीख को पाइरेट्स ऑफ वाराणसी और टीम टोरनेडो द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। 19 तारीख को पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, 20 तारीख को कुंदन चौहान जी द्वारा जौनसारी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति, 21 को किशन महिपाल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, 22 को कुलानंद घनसाला और टीम द्वारा रामलीला मंचन, 23 को दर्शन कैलाश द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, 24 को लाइव परफॉर्मेंस इंडियन ओसन का कार्यक्रम, 25 को लोकगायक अमित सागर द्वारा संस्कृतिक कार्यक्रम, 26 को लोकगायक गजेंद्र राणा एवं पूनम सती द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाएंगे।
    मेले को सफल बनाने हेतु प्रत्येक दिन गोष्ठी एवं कार्यशाला हेतु प्रभारी अधिकारी नामित किये गए हैं, जो अपने-अपने दिवस में आयोजित गोष्ठी/कार्यशाला के प्रभारी होंगे।गठित समिति के सदस्य प्रतिदिन आपस में समन्वय बैठक करते हुए मेले के सफल आयोजन की तैयारी की कार्यवाही से अवगत कराएंगे। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह,जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के.अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. वंदना सेमवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेद्र कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी निधि बिंजोला, आदि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • विरासत में गोवा के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रही धूम

    विरासत में गोवा के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रही धूम

    देहरादून। विरासत महोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत क्राफ्ट वर्कशॉप के आकर्षण आयोजन के साथ हुई। विरासत कार्यक्रम के आयोजन ग्राउंड में दून इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने हैंड ब्रेसलेट, मिट्टी के बर्तन बनाने की विधि के साथ ही यूज़ एंड थ्रो वाली वेस्टेज वस्तुओं पर कला कृति करके उनका आकर्षण एवं सुंदर बनाना भी सीखा। स्कूली बच्चों ने विरासत महोत्सव मेले के दौरान अपने नन्हें हाथों से अनेक वस्तुओं को बनाने का शौक व जज्बा दिखाया। क्राफ्ट वर्कशॉप में मुख्य बात यह देखने को मिली कि यहां 5 वर्षीय कुमारी अनायशा ने भी अपने नाजुक हाथों से वेस्टेज वस्तु पर कला कीर्ति कर करिश्मा दिखाया। क्राफ्ट वर्कशॉप में देवांशु जायसवाल,प्रेरणा सोनेशा, अनीशा, नव्या गुप्ता, आरोही, वंश रावत शाकिब खान, आरना पंत, तपस्या जोशी आदि ने अपने हाथों के हुनर दिखाकर जादू बिखरने में कोई कमी नहीं छोड़ी। विरासत सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुआ एवं आज के मुख्य अतिथियों में सविता कपूर विधायक कैंट विधानसभा क्षेत्र देहरादून, सुषमा रावत डायरेक्टर एक्सप्लोरेशन ओएनजीसी, सुनैना प्रकाश अग्रवाल, बलजीत सोनी, कमलेश उपाध्याय के साथ शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
    ऐतिहासिक एवं विश्व विख्यात श्विरासतश् महोत्सव में शानदार एवं आकर्षक प्रस्तुतियों ने श्रोताओ एवं दर्शकों का मन मोह लिया प् संगीत और आवाज दोनों के सुरताल मिलन से आज की संध्या ने अमित छाप छोड़ दी हैं  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध गोवा के बहुभाषी गायक एल्विस गोज़ ने विरासत महोत्सव में अपनी जो प्रस्तुति दी, वह एक शानदार शाम के नाम हुई। उनके संगीत समूह के साथ-साथ गोवा के क्यूपेम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित गोवा संगीत और नृत्य मंडल केपेमचिम किरनम और गोवा के पोंडा से श्री महेश गौडे के नेतृत्व में श्री गुरु कला मंडल ने बहुत ही खूब धूम मचा देने वाली प्रस्तुति दी। गोवा के लोक संगीत और नृत्य का मिश्रण दिखाया गया, जिससे दर्शकों को गोवा की जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत एल्विस गोज़ द्वारा गाए गए मूल प्रेम गीत भुर्गियापोनैलो मोग से हुई, जिसके बाद जेरसन डोराडो और सुश्री देवना परेरा ने नृत्य कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। गोवा, एल्विस गोज़ द्वारा रचित एक गीत पेश किया गया, जिसमें इस क्षेत्र की लोक लय को दर्शाया गया। एल्विस गोज़ संगीत समूह, केपेमचिम किरनम और श्री गुरु कला मंडल द्वारा फ्यूजन संगीत प्रस्तुति ने पारंपरिक और आधुनिक संगीत तत्वों को एक साथ लाया। श्री गुरु कला मंडल द्वारा महेश गौड़े के नेतृत्व में समय नृत्य प्रस्तुत किया गया तथा केपेमचिम किरनम द्वारा ऊर्जावान देखनी नाच प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्री ग्लोरियो गोस, देवना एल्सा परेरा तथा अन्य नर्तक शामिल थे।एल्विस गोस ने अपना मूल हिंदी गीत दीवाना भी प्रस्तुत किया, जिसके बाद महेश गौड़े समूह द्वारा गोफ नृत्य प्रस्तुत किया गया। केपेमचिम किरनम द्वारा सुंदर मांडो नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें एल्विस गोस तथा सुश्री देवना परेरा नर्तकों का नेतृत्व कर रहे थे। सांस्कृतिक संध्या की श्रृंखला में सेमोरा तथा जॉयरस द्वारा कोंकणी गीत पिसो तथा एल्विस गोस द्वारा मूल कोंकणी पॉप गीत सोपनतुलिया अंजिया भी शामिल था, जिसमें जेरसन डोराडो तथा एरीटा कार्डाेजो द्वारा नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। श्री गुरु कला मंडल द्वारा डांगर नाच तथा खारवी नृत्य ने शाम को पारंपरिक लोक आकर्षण में चार चांद लगा दिए। इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण गोवा के प्रसिद्ध संगीतकार स्वर्गीय क्रिस पेरी द्वारा गाया गया प्रसिद्ध कोंकणी गीत नाचोम-इया कुम्प्ससर था, जिसे सेमोरा और जॉयरस ने गाया था। शाम का समापन एल्विस गोज़ द्वारा विरासत फेस्टिवल नामक एक मूल रचना के साथ हुआ, जिसके बोल कोंकणी, हिंदी और अंग्रेजी में थे। इसके बाद गोवा की पूरी टीम द्वारा गोवा के संगीत और नृत्य के मिश्रण के साथ एक भव्य समापन समारोह हुआ। कार्यक्रम गोवा सरकार के कला और संस्कृति निदेशालय द्वारा प्रायोजित था। कार्यक्रम की परिकल्पना और डिजाइन गोवा के कला और संस्कृति निदेशालय के उप निदेशक श्री मिलिंद माटे ने की थी और कोरियोग्राफी श्री मिलिंद माटे और एल्विस गोज़ ने की।सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति में अवनीन्द्र शियोलीकर द्वारा सितार वादन प्रस्तुत किया गया । अवनीन्द्र जी ने राग यमन से कार्यक्रम की शुरुआत की और आलाप, जोड़ और झाला की मधुर प्रस्तुति से दर्शकों की तालियां बजने लगीं। उन्होंने तीन ताल में विलम्बित और द्रुत लय वाली दो बंदिशें प्रस्तुत कीं। अवनीन्द्र शियोलीकर जी के साथ तबले पर शुभ महाराज ने संगत दी।
    चार पीढ़ियों के सितारवादक परिवार में जन्मे अवनीन्द्र शियोलीकर के खून में शास्त्रीय संगीत है। अवनीन्द्र ने अपने पिता श्री सुधाकर रामभाऊ शियोलीकर से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। बाद में उन्होंने सितार के इमदादखानी घराने के एक प्रसिद्ध पंडित बिमलेंदु मुखर्जी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। पंडित बिमलेंदु मुखर्जी के मार्गदर्शन में उन्होंने सितार की बारीकियाँ सीखीं और उनकी जन्मजात प्रतिभा ने उन्हें महानता हासिल करने के लिए आगे बढ़ाया। उन्होंने 7 साल की उम्र में अपनी शुरुआत की और तब से कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके प्रदर्शन की खासियत गायकी शैली पर आधारित रागों की सूक्ष्म बारीकियों की व्याख्या, लयकारी की व्याख्या और जटिल तानों का उपयोग है।
    अवनीन्द्र एक परिपक्व कलाकार हैं जिनके संगीत में भावनाओं की गहरी समझ है।  भारत और विदेशों में अनेक प्रस्तुतियों के अलावा, अवनीन्द्र के पास खैरागढ़ विश्वविद्यालय से संगीत में स्नातकोत्तर उपाधि है, इस संस्थान में वर्ष 1993 में उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। उन्होंने अनेक पुरस्कार जीते हैं, जैसे कि उन्हें भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से प्रतिष्ठित प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया।, प्रतिष्ठित अखिल भारतीय रेडियो संगीत प्रतियोगिता, सुर सिंगार संसद द्वारा ष्सुर-मणिष् की उपाधि, भातखंडे ललित कला शिक्षण संस्थान रायपुर ने उन्हें ष्सुर-रत्नष् की उपाधि दी। भारत के विभिन्न भागों में अनेक प्रतिष्ठित समारोहों में भाग लिया जैसे कि तानसेन समारोह, ग्वालियर। आरंभ महोत्सव स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन, संकट मोचन समारोह, वाराणसी। उन्हें अनेक विदेशी देशों से सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कुछ एल्बम जारी किए जिनमें से एक एल्बम ष्फोक फोनोग्राम ऑफ़ 2005ष् है, एल्बम के संगीत का उपयोग हॉलीवुड फिल्म ष्बून्डॉक सेंट्स के साउंडट्रैक के रूप में किया गया था।
    रीच संस्था द्वारा आयोजित विरासत महोत्सव के मुख्य द्वार पर प्रवेश करते ही सबसे पहले नजर पड़ती है तो अफगानी ड्राई फूड की शाही शॉप पर ही पड़ती हैं इस शाप की मुख्य संचालक अफसाना जी हैं। अफसाना की इस शॉप पर सभी ड्राई फूड अफगानी है और सेहत को शक्तिशाली बनाने में सभी अव्वल हैं। साथ ही ऑर्गेनिक ड्राई फूड भी शामिल है यूं तो सामान्य तौर पर ड्राई फूड यानी सूखे मेवे सभी जगह पर मिल जाते हैं, लेकिन अफसाना की शॉप पर जितने भी ड्राई फूड हैं, वे सभी स्वास्थ्य को बहुत ही शक्तिशाली बनाने वाले हैं प् सभी ड्राई फूड सेहत से मजबूत रिश्ता रखते हैं प् शाही ड्राई फूड की शाही शॉप की मुख्य संचालक/स्वामी अफसाना जी से बात हुई तो उन्होंने इन सभी ड्राई फूड के रेट भी उत्साह के साथ बताए प् शाही शॉप पर घ्4000 प्रति किलो अफगानी अंजीर से लेकर 25 लाख रुपए प्रति किलोग्राम शिलाजीत मिल रही है प् ड्राई फूड के रेट सुनकर आप चौंकिए नहीं, क्योंकि आपकी सेहत से बढ़कर कुछ भी नहीं है। यहां पर 25 लाख रुपए प्रति किलोग्राम विशुद्ध शिलाजीत,5 लाख रुपए प्रति किलो वाली असली केसर, 10 हज़ार रुपए प्रति किलोग्राम वाले बादाम के अलावा 6 हज़ार प्रति किलोग्राम वाली ऑर्गेनिक पिस्ता, जंगली सफेद बादाम 10 हज़ार रूपये किलो, अफगानी खजूर घ्3000 प्रति किलो, जंगली गोल्डन बादाम 8 हज़ार प्रति किलो तथा अफगानी खुमानी घ्4000 प्रति किलो है प् इन सभी में असली सेहत का राज यकीनन भरोसे के साथ जुड़ा हुआ है। शॉप की स्वामी मुख्य संचालक अफसाना का कहना है कि लोगों को उनकी शाही शॉप के शाही ड्राई फूड बहुत पसंद आ रहे हैं और खरीदारी भी की जा रही है प् उनका यह भी कहना है कि पिछले वर्ष भी उन्होंने विरासत महोत्सव में अपनी शॉप लगाई थी और उसमें भी ड्राई फूड की बिक्री के अलावा लोगों का भरपूर स्नेह एवं सहयोग उनको मिला था, जिसके लिए वे शुक्रगुजार हैं।

  • तीन दिवसीय गोर्खा दशै दिवाली महोत्सव का आयोजन 18 से 20 अक्टूबर तक गढ़ी कैंट में होगा

    तीन दिवसीय गोर्खा दशै दिवाली महोत्सव का आयोजन 18 से 20 अक्टूबर तक गढ़ी कैंट में होगा

    देहरादून। वीर गोर्खा कल्याण समिति  देहरादून द्वारा तीन दिवसीय गोर्खा दशै दिवाली महोत्सव का आयोजन महेंद्र ग्राउंड, गढ़ी कैंट देहरादून में  होने जा रहा है। यह कार्यक्रम 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगा  एवं इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह जानकारी वीर गोरख कल्याण समिति द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई , जिसमें वीर गोर्खा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने  मीडिया  के लोगों  को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार  हम गोर्खा दशै दिवाली महोत्सव का आयोजन 18 से 20 अक्टूबर को करने जा रहे हैं,  इस आयोजन में पिछले साल से  बेहतर तैयारी की जा रही है एवं उत्तराखंड के लोगों को हर वर्ष की भांति इस साल भी गढ़वाली, कुमाऊनी एवं नेपाली संस्कृति की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियां  देखने को मिलेगी। वहीं यहां पर विभिन्न प्रकार के स्टॉल्स लगाए जाएंगे जहां पर देहरादून के लोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं एवं दिवाली की खरीदारी भी कर सकते हैं।
    प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समिति के महासचिव विशाल थापा ने कहा कि हमारे विशिष्ट अतिथियों में 18 अक्टूबर को कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज जी द्वारा किया जाएगा वहीं अति विशिष्ट अतिथि में अभिनव कुमार डीजीपी  उपस्थित रहेंगे, वहीं 19 अक्टूबर को कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल राजदूत डॉक्टर सुरेंद्र थापा एवं विधायक धर्मपुर  विनोद चमोली उपस्थित रहेंगे। वही कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा एवं  माननीय सांसद हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ कैबिनेट मंत्री  एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी उपस्थित रहेंगे। वहीं संस्था के कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी टेकु थापा ने कहा अंतर्राष्ट्रीय  कलाकारों में इस बार देहरादून के लोगों के लिए हम लेकर आए हैं। अंतर्राष्ट्रीय गायिका निर्जला गुरुंग,  चीज गुरुंग  एवं दृष्टिहीन गायिका मंदिरा थापा। यह सभी कलाकार अपने-अपने क्षेत्र के बहुत ही लोकप्रिय एवं प्रसिद्धि प्राप्त कलाकार हैं, वही आप लोगों के लिए हम  नेपाल की संस्कृति प्रस्तुति का भी आयोजन कर रहे हैं जिसमें नेपाल की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में आपको नेपाल की संस्कृति एवं संस्कार से परिचित कराएंगे। प्रेस वार्ता में में वीर गोर्खा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उर्मिला तामाङ, उपाध्यक्ष सूर्य बिक्रम शाही, महासचिव विशाल थापा, कोषाध्यक्ष  टेकु थापा, सचिव- देविन शाही,सह-सचिव आशु थापा, सांस्कृतिक सचिव  देवकला दीवान,सह सांस्कृतिक सचिव करमिता थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन, सोनु गुरूगं, ज्योति राना, सोना शाही, एन बी थापा, बुद्धेश राई, यामु राना, मीना गुरुंग, बबिता गुरुंग, सुरेश राई, तुला राना, अनीता प्रधान, नरेंद्र थापा एवं पूरन बहादुर थापा मौजूद रहे।

  • “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ के प्रारुप का मंत्री के समक्ष दिया गया प्रजेन्टेशन

    “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ के प्रारुप का मंत्री के समक्ष दिया गया प्रजेन्टेशन

    देहरादून। प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ के प्रारुप को अन्तिम रुप देने को लेकर सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर समीक्षा की। बैठक में सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ के तैयार प्रारुप को मंत्री के समक्ष पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि महिला नीति निर्माण को लेकर बैठक में दिये गये आवश्यक बिन्दुओं को शामिल करते हुए अतिशीघ्र “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ के प्रारुप को अन्तिम रुप दिया जाय ताकि आगामी 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ को प्रदेश की महिलाओं को समर्पित किया जा सके।
    “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ के तैयार प्रारुप के अवलोकन के उपरान्त मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ का निर्माण इस प्रकार से किया जाय कि प्रदेश की महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक हर तरह से सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ के तैयार प्रारुप में राज्य बजट में महिलाओं हेतु बजट प्रतिशत निर्धारण करने, मानसिक रुप से अस्वस्थ महिलाओं के उपचार हेतु विशेष केन्द्र खोले जाने, दिव्यांगता की श्रेणी व दिव्यांगता के प्रकार को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने व सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था बनाने, आयुवर्ग को ध्यान में रखते हुए अपराधों से सुरक्षा हेतु व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये।
    महिला कल्याण मंत्री ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं एवं कामकाजी महिलाओं की चुनौतियों को कम करने हेतु व्यवस्था बनाने, ग्रामीण व शहरी महिलाओं की परिवार, समाज व कार्यक्षेत्र में चुनौतियों को कम करने हेतु व्यवस्था बनाने, ओला, उबर जैसी वाहन सेवा प्रदान करने सम्बन्धी व्यवस्था बनाने, सेक्स वर्कर के पुनर्वास व सक्षमता हेतु व्यवस्था बनाने, रेप जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के मकसद से 18 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचने वाली आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो आदि की पहुंच पर रोक लगाने की व्यवस्था बनाने जैसे बिन्दुओं को भी “उत्त्तराखण्ड राज्य महिला नीति“ में शामिल करने के निर्देश दिये। मंत्री ने महिला नीति बन जाने के बाद समय-समय पर इसकी समीक्षा किये जाने तथा आवश्यकतानुसार संशोधन किये जाने की व्यवस्था बनाने हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार यादव, निदेशकध्अपर सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास प्रशान्त आर्य, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग, कुसुम कण्डवाल तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • डीएम की अध्यक्षता में जीआईसी मालदेवता में 24 अक्टूबर को आयोजित होगा बहुउद्देशीय शिविर

    डीएम की अध्यक्षता में जीआईसी मालदेवता में 24 अक्टूबर को आयोजित होगा बहुउद्देशीय शिविर

    देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में 24 अक्टूबर को रा. इ. का. मालदेवता में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित की जा रही हैं।
    शिविर में रेखीय विभाग स्टॉल लगाकर जनमानस को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करेंगे।
    साथ हो विधवा पेंशन, किसान पेंशन, वृद्धा पेंशन का निराकरण, दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, वोटर कार्ड बनाए जायेंगे। कृषक अपकरण,  स्वास्थ्य सम्बन्धित , बिजली, भूमि, वन, पानी, सिचाई  से सम्बन्धित, तहसील विरासत  हिस्सा प्रमाण, निवास, जाति प्रमाण पत्र आदि बनाए जाएंगे तथा अन्य कार्य ध्जन शिकायतो को निस्तारण किया जायेगा। जिलाधिकारी ने सभी रेखीय विभाग के संबंधित अधिकारी को अपने विभाग से संबंधित संचालित योजना से संबंधित सुविधा मुहैया कराने तथा पूरी जानकारी के साथ बहुउद्देशीय  शिविर में प्रतिभाग करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर  में प्रतिभाग करने की अपील की।

  • सरकारी कार्मिकों के लिए कॉरपोरेट सैलरी पैकेज और अन्य लाभों के लिए सरकार व बैंकों के बीच हुआ एमओयू

    सरकारी कार्मिकों के लिए कॉरपोरेट सैलरी पैकेज और अन्य लाभों के लिए सरकार व बैंकों के बीच हुआ एमओयू

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की उपस्थिति में बुधवार को सचिवालय में सरकारी कार्मिकों के लिए कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज और अन्य लाभों के लिए उत्तराखण्ड सरकार के साथ भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और जिला सहकारी बैंक ने एम.ओ.यू किया। अभी राज्य के लगभग 64 प्रतिशत सरकारी कार्मिक जिनका सैलरी खाता इन बैंकों में है, वे इस अनुबंध से लाभान्वित होंगे।
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सरकारी कार्मिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस अनुबंध का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ये सभी बैंक कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज को कर्मचारियों के लिए और लाभकारी बनाने के लिये निरंतर कार्य करते रहेंगें। हमारा प्रयास होगा कि भविष्य में शत-प्रतिशत कर्मचारी इस लाभकारी पैकेज का फायदा उठा सकें। इन बैंकों की शाखाओं में वेतन खातों में वेतन बचत खाते के खाताधारकों को व्यक्तिगत बीमा कवर के साथ-साथ अन्य वित्तीय लाभों की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इसके अंतर्गत कार्मिकों को दुर्घटनास्वरूप मृत्यु, पूर्ण अपंगता तथा आंशिक अपंगता की स्थिति में उनके आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में क्लेम का लाभ तथा अन्य लाभ बिना कोई प्रीमियम किये प्रदान किये जायेंगे।
    राज्य सरकार और इन 05 बैंको के मध्य हुए अनुबंध के अनुसार किसी कार्मिक की मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में यह कवरेज उनके परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जो रू. 30 लाख से रू. 100 लाख के, मध्य होगी। पूर्ण अपंगता की स्थिति में रू. 30 लाख से रू. 50 लाख, तथा आंशिक अपंगता की स्थिति में रू. 10 लाख से रू. 40 लाख तक की वित्तीय सहायता बैंक द्वारा पैकेज के अन्तर्गत प्रदान की जाएगी। इसके साथ-साथ इस पैकेज में दुर्घटना के कारण चिकित्सा, एम्बुलेंस की सुविधा, बच्चों की शिक्षा, पुत्री के विवाह जैसी आने वाली आवश्यकताओं के लिए भी वित्तीय सहायता की व्यवस्था है। कार्मिकों की प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में भी उनके आश्रितों को आने वाली चुनौतियों से बचने में भी बैंक रू. 3 लाख से रू. 10 लाख तक योगदान प्रदान करेगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, कोषागार निदेशक दिनेश लोहनी, एस.बी.आई. के जनरल मैनेजर दीपेश राज, डिप्टी जनरल मैनेजर विनोद कुमार, एम अनिल, बैंक ऑफ बड़ौदा के जनरल मैनेजर एम. अनिल, यूनियन बैंक के जनरल मैनेजर अमरेन्द्र कुमार, कैनरा बैंक के असिस्टैंट जनरल मैनेजर मयंक मोहन कौशिक, कॉपरेटिव बैंक से नीरज बेलवाल, स्टेट लेबल बैंकर्स कमेटी से राजीव पंत उपस्थित थे।

  • बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने शिकायत पर किया सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल का निरीक्षण

    बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने शिकायत पर किया सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल का निरीक्षण

    देहरादून। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष गीता खन्ना द्वारा टीम गठित करते हुए सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, कारगी चैक का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें आयोग के सदस्य विनोद कापरवान विधि अधिकारी ममता रौथान एवं आयोग के बाल मनोवैज्ञानिक  निशात इकबाल उपस्थित रहे। औचक निरीक्षण आयोग को विद्यालय की शिकायत प्राप्त होने पर किया गया।
    औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई कमियां पाई गई। विद्यालय में एन0डी0ए व नीट की तैयारी के उपयोग में लाई जाने वाली  किताबें मिलीं। बस्तों का वजन शासन आदेश के मानक से अधिक पाए गए। कक्षा 5 के बच्चों को तपउब एवं सैनिक स्कूल की तैयारी करवाई जा रही थी। बच्चों को दो बजे से चार बजे तक एक्स्ट्रा क्लास करवाई जाती है। विद्यालय में शिक्षा के स्थान पर व्यावसायिक गतिविधियां अमल में लाई जा रही हैं तथा शासनादेश का उल्लंघन किया जा रहा है। त्पउब और सैनिक स्कूल की तैयारी करने वाले छात्रों से वार्ता करने पर संज्ञान में आया कि बच्चों को रोज नया टाइम टेबल दिया जाता है। विद्यालय में बच्चों को रोबोटिक की शिक्षा भी दी जाती है।
    विद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर एवं फैसेलिटीज बहुत ही अच्छी व व्यवस्थित है। विद्यालय के बच्चों में अनुशासन की कमी व अव्यवस्थित स्थित देखी गई। आयोग द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य से स्कूल संचालन संबंधी दस्तावेज मांगने पर प्रधानाचार्य द्वारा उपलब्ध नहीं करवाए गए। आयोग द्वारा उक्त विद्यालय को संचालन संबंधी सभी दस्तावेजों सहित आयोग में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की माननीय अध्यक्ष डॉक्टर गुप्ता खन्ना द्वारा वाल्मीकि समाज की शोभायात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया।