देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आर्थिकी और पारिस्थितिकी में संतुलन के लिए ‘त्रि-स्तम्भीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य में ईकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में नियोजन विभाग द्वारा तीन स्तंभों समुदाय सशक्तिकरण अभियान, नवाचार एवं तकनीकी अभियान तथा वित्तीय स्वायत्तता एवं साक्षरता अभियान पर रणनीति बनाई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने के लिए हम सबको अपना विशेष योगदान देना है। राज्य सरकार द्वारा विकास के साथ ही पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की है कि आज जो ‘त्रि-स्तम्भीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है, इस पर सभी विभाग तेजी से कार्य करेंगे। सभी विभागों को नवरात्रि के पावन पर्व पर संकल्प लेकर राज्य में आर्थिकी एवं पारिस्थितिकी में संतुलन बनाकर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
राज्य की आर्थिकी एवं पारिस्थितिकी में संतुलन के लिए प्रत्येक स्तम्भ के लिए तीन सूत्रीय रणनीति बनाई गई है। पहले स्तम्भ समुदाय सशक्तिकरण अभियान के तहत तीन सूत्र पारंपरिक प्रथाओं का पुनरावर्तन, उचित उपभोग हेतु व्यवहार परिवर्तन एवं युवाओं का कौशल उन्नयन है। दूसरे स्तम्भ नवाचार एवं तकनीकी अभियान के तहत तीन सूत्र ग्रीन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहन, तकनिकी आधारित त्वरित समाधान एवं सर्कुलर इकॉनमी का अंगीकरण है। तीसरे स्तम्भ वित्तीय स्वायत्तता एवं साक्षरता अभियान के तहत तीन सूत्र ग्रीन प्रैक्टिसेज का मानकीकरण, कार्बन क्रेडिट हेतु सहभागिता एवं सतत परियोजनाओं हेतु ब्रिज फंडिंग की रणनीति है। इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, एल. फैनई, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश यादव, वी. षणमुगम, विनोद रतूड़ी, निदेशक अभियोजन पी.वी.के प्रसाद, अपर सचिव विजय जोगदंडे, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजीजी डॉ. मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने किया ‘त्रि-स्तम्भीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम का शुभारंभ
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भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर उत्तराखण्ड मंे शोक
देहरादून। भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपति, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। रतन टाटा के निधन पर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर धामी ने दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि रतन टाटा ने रोजगार सृजन, समाज के सशक्तिकरण और नवाचार के क्षेत्र अमूल्य योगदान दिया। साथ ही उनके परोपकारी भावना ने लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई।
बीती 9 अक्टूबर की देर रात टाटा संस के मालिक, टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रसिद्ध उद्योगपति रतन नवल टाटा का 86 साल की उम्र मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया था। रतन टाटा भारत के सबसे सम्मानित और बड़े उद्योगपतियों में से एक थे। वे जीवन भर अविवाहित रहे। उन्होंने उद्योग के क्षेत्र में नए आयाम गढ़े। उन्होंने उद्योग के साथ परोपकार के जरिए भी देश को काफी कुछ दिया। जिस वजह से उन्होंने लोगों के दिलों में जगह बनाई। -

सिटी फॉरेस्ट पार्क बनकर पूरी तरह तैयार
देहरादून। राजधानी देहरादून में एमडीडीए का शानदार सिटी फॉरेस्ट पार्क बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है। सहस्त्रधारा रोड पर हेलीपैड के ठीक सामने बनकर तैयार इस पार्क में बच्चों के लिए खास एक्टिविटी के साथ-साथ ग्रीन एरिया पर विशेष फोकस किया गया है। इस पार्क में औषधि पौधों का रोपण भी अधिक किया गया है।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने गुरूवार को अपनी टीम के साथ इस पूरे पार्क का भ्रमण कर इसे पूरी तरह तैयार कर जनता के लिए खोलने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी से पार्क में प्रतिदिन 2000 के करीब लोग सुबह-शाम पहुंचने लगे हैं। इस पार्क में साइकिल ट्रैक जॉगर्स पार्क बच्चों के लिए भूल भुलैया समेत अन्य कई एक्टिविटी भी रखी गई है। इसके साथ-साथ पार्क में योगा क्लास भी सुबह के समय आयोजित की जाएगी। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने बताया कि लोगों को सुविधाजनक और प्राकृतिक रंग रूप का समावेश लिए पार्क को तैयार किया गया है। -

नाबालिग से दुष्कर्म पर फूटा जनाक्रोश, भारी तनाव, फोर्स तैनात, बाजार बंद
कर्णप्रयाग। पहाड़ पर महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामलों को लेकर भले ही लोगों में भारी आक्रोश हो और वह बाहरी लोगों को पहाड़ से खदेड़ने की मुहिम में जुटे हो लेकिन इस तरह की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही है ताजा मामला थराली का है। जहां एक नाबालिक लड़की के साथ पहले दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाकर सार्वजनिक करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है लेकिन इस मामले का पता चलने के बाद थराली और कर्णप्रयाग में तनाव का माहौल बना हुआ है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं तथा बाजार बंद हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी युवक नाई की दुकान चलाता है और अन्य समुदाय का है। युवक द्वारा 6 माह पहले लड़की से दोस्ती की गई और फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। आरोपी ने लड़की के साथ दुष्कर्म का आपत्तिजनक वीडियो बनाया और फिर उसे डरायाकृधमकाया जाने लगा। बताया जा रहा है कि लड़की ने जब उसकी बात मानने से मना किया तो उसका वीडियो वायरल करने की धमकियां दी जाने लगी तब इस मामले का खुलासा तीन-चार दिन पूर्व हो सका। जिसके बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक दिलबर खान को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की खबर जब कुछ हिंदू संगठनों व क्षेत्र के अन्य लोगों को हुई तो वह आज सड़कों पर उतर आए तथा आरोपी की दुकान में तोड़फोड़ और आग लगाने का प्रयास भी किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराना चाहा तथा लोगों को आरोपी युवक को गिरफ्तार करने की जानकारी दी गई लेकिन लोगों में भारी गुस्सा व आक्रोश देखा गया जिसके मद्देनजर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस मामले की आग थराली से कर्णप्रयाग तक जा पहुंची है तथा यहां भी लोगों ने बाजार बंद करा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। क्षेत्र वासियों का कहना है कि अभी पुरोला की घटना को लेकर इतना बवाल हुआ था फिर भी अन्य राज्यों के गैर हिंदू संप्रदाय के लोग पहाड़ पर मौजूद हैं जिन्हें बाहर नहीं किया जा रहा है। बीते समय में तमाम ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा सभी जिलों में वेरीफिकेशन ड्राइव चलाया जा रहा है तथा ऐसे संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है लेकिन घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। -

मानकों की अनदेखी के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने लगाई दवाओं के उत्पादन पर रोक
हरिद्वार। भगवानपुर क्षेत्र स्थित एक दवा कंपनी पर ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गईं। यह दवा कंपनी पुहाना में स्थित है, जहां टैबलेट, सिरप और कैप्सूल तैयार किए जाते हैं। निरीक्षण के दौरान वहां की स्थिति देखकर ड्रग इंस्पेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और तुरंत दवा उत्पादन पर रोक लगाने के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिस जगह दवाइयों का उत्पादन हो रहा था, वहां साफकृसफाई का ध्यान नहीं रखा गया था। कंपनी के हर कक्ष में गंदगी फैली हुई थी, जो कि दवा निर्माण के मानकों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा, कंपनी में प्रतिकूल हवा और पानी के इस्तेमाल से जुड़े मानक भी पूरे नहीं किए गए थे। रिकॉर्ड और स्टोरेज में अनियमितता व दवाओं के उत्पादन और स्टोरेज में भी गंभीर खामियां पाई गईं। तैयार की गई दवाइयां स्टोरेज की जगह कॉरिडोर में रखी हुई मिलीं, जो कि स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों के विपरीत है। साथ ही, उन पर बैच रिकॉर्ड भी नहीं था, जो यह दर्शाता है कि दवा कंपनी में गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। इन सभी खामियों को देखते हुए ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने तत्काल प्रभाव से कंपनी के दवा उत्पादन पर रोक लगा दी है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक कंपनी सभी आवश्यक मानक पूरे नहीं करती, तब तक उत्पादन शुरू नहीं हो सकेगा। इसके अलावा, यदि जल्द ही आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो कंपनी का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। -

डबल्यूआईसी इंडिया ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित किया मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र
देहरादून। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, डबल्यूआईसी इंडिया देहरादून ने द काल्मिंग माइंड्स के सहयोग से स्ट्रेस मैनेजमेंट और मानसिक स्वास्थ्य पर एक सत्र आयोजित किया। इस सत्र में भागदौड़ भरी दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की बढ़ती ज़रूरत पर चर्चा की गई। वक्ताओं में प्रसिद्ध मानसिक स्वास्थ्य अधिवक्ता और वंडर वेल एनजीओ की संस्थापक डॉ. याशना बाहरी सिंह, पोषण विशेषज्ञ रूपा सोनी और भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी शामिल रहीं। सत्र का संचालन डॉ. प्राची कंडवाल ने किया। डॉ. याशना ने सत्र के दौरान तनाव से राहत पाने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सरल लेकिन प्रभावी तरीकों को अपनाने के बारे में बात की। उन्होंने तनाव से राहत के लिए आर्ट थेरेपी के लाभों पर ज़ोर दिया। मानसिक स्वास्थ्य वार्तालापों में आवश्यक समावेशिता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, पुरुषों के लिए भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करना ज़रूरी है।
नेहा जोशी ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रचलित कलंक के बारे में बात करते हुए कहा, बहुत से लोग अभी भी मानसिक स्वास्थ्य को वर्जित मानते हैं। अब समय आ गया है कि हम इसे सामान्य बना दें। हमें पेशेवरों से मदद लेने को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। आज के बच्चे ऐसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जिनकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। इस विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर, मैं डॉ. याशना जैसे पेशेवरों को धन्यवाद देना चाहूँगी, जो मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को समर्पण के साथ संबोधित करते हैं।
पोषण विशेषज्ञ रूपा सोनी ने पोषण और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर जोर देते हुए कहा, हमारे मस्तिष्क को ठीक से काम करने के लिए अच्छे ईंधन की आवश्यकता होती है। दैनिक तनाव के साथ, व्यायाम करना, स्वस्थ भोजन खाना और हैप्पी हार्माेन रिलीज़ करना महत्वपूर्ण है। जिस तरह एक कार के इंजन को गुणवत्तापूर्ण ईंधन की आवश्यकता होती है, उसी तरह हमारा मस्तिष्क अच्छे पोषण पर निर्भर करता है। पेट का स्वास्थ्य सीधे हमारे मूड से जुड़ा होता है-अगर आपका पेट स्वस्थ है, तो आप पूरे दिन अच्छा महसूस करेंगे।
सत्र की थीम ‘अनप्लग, अनविंड और रिफ्रेश योर माइंड’ ने प्रतिभागियों को अपनी दिनचर्या से ब्रेक लेने और माइंडफुलनेस को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। साझा की गई अंतर्दृष्टि ने उपस्थित लोगों को तनाव को प्रबंधित करने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सरल, प्रभावी तकनीकों को अपनाने के लिए सशक्त बनाया। डबल्यूआईसी इंडिया के निदेशक अंकित अग्रवाल और सचिन उपाध्याय ने आज के समाज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है, और हमें लोगों के लिए चर्चा करने और उनके तनाव को प्रबंधित करने के लिए सुरक्षित स्थान बनाने चाहिए। डबल्यूआईसी इंडिया में, हम उन पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो व्यक्तियों को स्वस्थ, अधिक संतुलित जीवन जीने के लिए सशक्त बनाती हैं। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने कला और शिल्प गतिविधियों में भी भाग लिया। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जहाँ प्रतिभागियों ने इन प्रथाओं को अपने दैनिक जीवन में एकीकृत करने के लिए मार्गदर्शन मांगा। -

गुरूद्वारा हेमकुण्ड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य के चमोली जिले में स्थित गुरूद्वारा ‘‘श्री हेमकुण्ट साहिब जी’’ के कपाट आज 10 अक्टूबर को शीतकालीन सत्र के लिए विधिवत् अरदास करके बंद कर दिए गए। यात्रा समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रातःकाल से ही संगतों का आना शुरू हो गया था। इस समारोह में आज लगभग 2800 श्रृद्धालुओं ने गुरू दरबार में हाजिरी भरी व गुरू महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मध्यम बारिश से मौसम में ठंडक एवं धुंध होने के बावजूद भी संगतों ने सरोवर के पवित्र अमृत रूपी शीतल जल में स्नान करके पुण्य का लाभ उठाया। आज प्रातः9ः15 पर सुखमनी साहिब जी के पाठ की आरंभता ज्ञानी कुलवंत सिंह व ज्ञानी हमीर सिंह ने की तथा समाप्ति प्रातः10ः45 पर की गई। रागी जत्था भाई अजीत सिंह व साथी (देहरादून वाले) तथा भाई सुरिंदर पाल सिंह व साथी (पुणे वाले) द्वारा सुनाए गए गुरबाणी कीर्तन से गुरू दरबार में उपस्थित संगतें मंत्रमुग्ध हो उठीं। मुख्य ग्रंथी भाई मिलाप सिंह द्वारा दोपहर 12ः05 पर की गई यात्रा समाप्ति की अरदास के साथ ही श्री हेमकुण्ट साहिब यात्रा का आज सुखद समापन हुआ। अरदास के बाद संगतों द्वारा ‘‘जो बोले सो निहाल’’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। गढ़वाल स्काउट एवं पंजाब बैंड ग्रुप के सदस्यों ने वाद्य यंत्रों पर धुनें सजाकर माहौल को और भी खुशनुमा बनाया। बारिश के बीच पुष्प वर्षा करते हुए पंज प्यारों की अगुवाई में गुरू साहिब जी के स्वरूप सुखासन स्थान पर श्रृद्धा सहित नतमस्तक होकर सुशोभित कर दिए गए।
प्रतिवर्ष की तरह भारतीय सेना के ‘‘418 इंडीपेंडेंट इंजीनियरिंग कोर’’ दल के सदस्यों ने इस अवसर पर बढ़चढ़ कर अपनी सेवाएं प्रदान की, जिनमें हवलदार हरसेवक सिंह, हवलदार गुरप्रीत सिंह व अन्य जवान शामिल रहे। गुरूद्वारा प्रबंधन ने सेना के जवानों द्वारा निभाई गई विशेष सेवा के लिए सभी को सिरोपा भेंज करके सम्मानित करते हुए बहुत-बहुत धन्यवाद किया। इनके अलावा गोबिन्द धाम (घांघरिया) के एस.ओ. अमनदीप सिंह एवं गोबिन्द घाट के एस.ओ. विनोद रावत की ओर से प्रदान किए गए सहयोग की भी सराहना करते हुए ट्रस्ट द्वारा उन्हें धन्यवाद व आभार प्रकट किया। राज्य के राज्यपाल रिटा0ले0ज0 सरदार गुरमीत सिंह, जिन्होंने एक दिन पूर्व 09 अक्टूबर को गुरू महाराज के दरबार में हाजिर भरी, इस अविस्मरणीय अवसर पर (अधोहस्ताक्षरी) अध्यक्ष, नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा ने यात्रा की सफलतापूर्वक संपन्नता हेतु कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनका धन्यवाद किया। गुरूद्वारा ट्रस्ट की ओर उत्तराखण्ड सरकार एवं प्रशासन के साथ-साथ सभी विभागों को भी धन्यवाद व बधाई दी तथा समस्त सहयोगियों का आभार प्रकट किया। इस वर्ष श्री हेमकुण्ट साहिब जी की यात्रा के लिए लगभग 2 लाख 80 हजार यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया जिनमेें से लगभग 2 लाख 62 हजार श्रृद्वालुओं ने गुरू दरबार में मत्था टेकने का सौभाग्य प्राप्त किया। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रृ़द्वालुओं का भी ट्रस्ट द्वारा अभिवादन किया गया। आज यात्रा समापन के इस विशेष मौके पर गुरूद्वारा गोबिन्द घाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह जी, गुरूद्वारा हेमकुण्ट साहिब के प्रबंधक सरदार गुरनाम सिंह व कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। गुरूद्वारा ट्रस्ट आशा करता है कि भविष्य में भी यात्रा हेतु सभी का सहयोग मिलता रहेगा। यात्रा मार्ग के सभी पड़ावों में लंगर-पानी व रात्रि विश्राम आदि सुख-सुविधाओं मे बढ़ोत्तरी करके आगामी वर्ष की यात्रा को और सुगम बनाने के प्रयास ट्रस्ट द्वारा किए जाएंगे। -

आरटीआई की 19वीं वर्षगांठ पर राजभवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम
देहरादून। सूचना का अधिकार अधिनियम की 19वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को राजभवन ऑडिटोरियम में उत्तराखण्ड सूचना आयोग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोक सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया। वर्ष 2022-23 तथा वर्ष 2023-24 में विभागीय अपीलीय अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उप महाप्रबंधक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम प्रदीप सती, तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार प्रतीक जैन और जिला विकास अधिकारी, हरिद्वार वेद प्रकाश को सम्मानित किया। लोक सूचना अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले थानाध्यक्ष, नरेन्द्रनगर टिहरी गढ़वाल गोपालदत्त भट्ट, जिला विकास अधिकारी बागेश्वर संगीता आर्या, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, हरिद्वार पंकज श्रीवास्तव, वरिष्ठ विपणन अधिकारी, कार्यालय संभागीय खाद्य नियंत्रक गढ़वाल मण्डल राधिका बिंजोला और अनुसचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड शासन देहरादून ऋचा को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सम्मानित होने वाले अधिकारियों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सूचनाओं का आदान-प्रदान जरूरी है जिससे एक जवाबदेह और जिम्मेदार शासन की स्थापना हो सके। उन्होंने कहा कि जिस संस्थान में पारदर्शी और जवाबदेह कार्यप्रणाली निहित होगी वह सूचनाओं के आदान-प्रदान को सकारात्मक रूप में देखता है। सूचनाएं प्राप्त करना सभी का अधिकार है, लोकतंत्र को सुदृढ़ और प्रबल बनाने में सूचना का अधिकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने कहा कि इस अधिनियम से शासन और प्रशासन को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में मदद मिलती है वहीं इसके जरिए सुधारात्मक सुझाव प्राप्त होते हैं जो सुशासन को बढ़ावा देते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में केवल मैदानी जिलों के सूचना का अधिकार के आवेदन प्राप्त हो रहें हैं पहाड़ी जपनदों में यह संख्या बेहद कम है। उन्होंने इन जिलों पर विशेष फोकस किए जाने पर बल दिया और कहा कि इन जनपदों में लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी भी सूचना प्राप्त करने में बेहद न्यून है, उनकी भागीदारी को बढ़ाने के विशेष प्रयास किए जाए। राज्यपाल ने आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। आयोग द्वारा आवेदन और अपील पत्र प्रस्तुत करने हेतु आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल प्रारम्भ किए जाने और हाइब्रिड मोड में पक्षकारों को सुनवाई शुरू करने के लिए आयोग को बधाई दी।
प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया कि उत्तराखण्ड सूचना आयोग की स्थापना से अगस्त, 2024 तक उत्तराखण्ड सूचना आयोग को कुल 56939 द्वितीय अपील/शिकायतें प्राप्त हुईं हैं जिनमें से 56008 का आयोग स्तर से निस्तारण किया गया है। माह मार्च, 2024 तक प्रदेश के समस्त लोक सूचना अधिकारियों को कुल 12,82,556 सूचना अनुरोध पत्र और विभागीय अपीलीय अधिकारियों को कुल 1,32,521 प्रथम अपील प्राप्त हुई। वर्तमान में उत्तराखण्ड सूचना आयोग में कुल 931 द्वितीय अपील/शिकायत लंबित हैं। उन्होंने बताया कि नागरिकों को ऑनलाइन अनुरोध पत्र, प्रथम अपील और द्वितीय अपील/शिकायत की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। आयोग द्वारा राज्य के विधि महाविद्यालयों के छात्रों के मध्य वाद-विवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सूचना आयुक्त विपिन चन्द्र ने सूचना का अधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि इससे अन्य अधिकारी भी प्रेरित होंगे। सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि अनुशासन, सुशासन और पारदर्शी तंत्र के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम जरूरी है। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार के प्रति नकारात्मकता को कम किए जाने के साथ ही इसके सकारात्मक पहलुओं पर जोर दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, सचिव अरविन्द कुमार पांडेय सहित विभागों के विभागाध्यक्ष, लोक सूचना अधिकारियों और विभागीय अपीलीय अधिकारियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया। -

चचेरे भाई का हत्यारा गिरफ्तार, तमंचा व कारतूस बरामद
नैनीताल। जमीनी विवाद में चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार चल हत्यारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है।
एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि बीते 8 अक्टूबर को आशु जोशी पुत्र स्व. उमेश चन्द्र जोशी निवासी घूनी न. 1 कठघरिया थाना मुखानी जिला नैनीताल व अंशू जोशी पुत्र स्व. किशोर चन्द्र जोशी ने थाना मुखानी में कल्पना नैनवाल पत्नी उमेश चन्द्र नैनवाल निवासी ग्राम पूरनपुर नैनवाल लामाचौड़ हल्द्वानी द्वारा हस्ताक्षरित तहरीर देकर बताया कि 7 अक्टूबर की रात वह कमलुआगांजा रामलीला हल्द्वानी में अपने पति उमेश नैनवाल के साथ रामलीला देख रही थी। इस दौरान जमीनी विवाद के चलते दिनेश नैनवाल द्वारा उनके पति की गोली मारकर हत्या कर दी गयी और वह अपने साथी दीपक बुधानी के साथ फरार हो गया। मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गयी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने बीते रोज देर शाम एक सूचना के बाद लामाचौड क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक व्यक्ति फार्मग्रिल रेस्टोरेन्ट के पास से आता दिखाई दिया जो पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। पर पुलिस ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि वह ही हत्यारोपी है। जिसने पूछताछ में बताया कि उसके चाचा हेम चन्द्र नैनवाल की लगभग 18-19 बीघा जमीन पूरनपुर नैनवाल में थी जिनका कोई वारिस नहीं था जिनकी मृत्यु भी लगभग 3-4 महीने पहले हो गयी थी। जमीन को लेकर उसका मृतक उमेश चन्द्र नैनवाल से विवाद चल रहा था, सभी नैनवाल रिश्तेदारो द्वारा उक्त जमीन को स्कूल या पार्क या किसी सामाजिक संस्था को दान करने पर सहमती जतायी थी। परन्तु मृतक उमेश नैनवाल द्वारा इसमे आपत्ति जतायी जा रही थी। वो जमीन को लेकर विवाद कर रहा था जिस कारण मैने 7 अक्टूबर की रात को कमलवागांजा रामलीलाग्राउण्ड मे गुस्से में आकर उसे गोली मार दी। आरोपी के पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा व कारतूस भी बरामद किया गया है। -

जी.आर.डी. में आधुनिक तकनीकी से युक्त जिम का हुआ उद्धघाटन
देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित कॉलेज गुरु राम दास इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, राजपुर रोड देहरादून में हॉस्टल के छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक तकनीकी से युक्त नये जिम का उद्धघाटन संस्थान के चेयरमैन सरदार राजा सिंह, वाईस चेयरमैन सरदार इंदरजीत सिंह, डॉली ओबेराय, प्रभजी ओबेरॉय एवं महानिदेशक डॉ. पंकज चौधरी ने किया। छात्र छात्राओं का स्वागत करते हुए महानिदेशक डॉ. पंकज चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। जिसमे बेहतरीन स्वास्थ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है ! उन्होंने बताया की संस्थान के छात्र-छात्राएं राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का नाम रौशन कर रहे है।
युवाओं को विभिन्न खेल कूद प्रतियोगिताओ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने एवं उनकी प्रतिभा को विकसित करने में संस्थान पुरा प्रोहत्सान देगा एवं आज आधुनिक तकनीकी से युक्त नये जिम का उद्धघाटन भी उसी का एक भाग है। इस अवसर पर वाईस चेयरमैन सरदार इंदरजीत सिंह, डॉली ओबेराय, प्रभजी ओबेरॉय, महानिदेशक डॉ. पंकज चौधरी, रजिस्ट्रार के.के. राणा, फॉर्मेसी निदेशक, प्रो0 (डॉ0) अरविन्द नेगी, डॉ. प्रांशु, डीन एकेडमिक, डॉ अंकुर सक्सैना, डॉ. सोहन सिंह रावत, परमजीत सिंह, डॉ. करुनाकर झा, डॉ. संतोष,गरिमा कौशिक, डॉ. पूनम नेगी, बाल कृष्ण यादव एवं संस्थान के समस्थ फैकल्टी, नॉन टीचिंग अन्य कर्मचारी व छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।