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सिर्फ 4 साल में 25 हज़ार सरकारी नौकरियां, 20 साल में 9 मुख्यमंत्रियों का आंकड़ा भी पीछे

सिर्फ 4 साल में 25 हज़ार सरकारी नौकरियां, 20 साल में 9 मुख्यमंत्रियों का आंकड़ा भी पीछे

देहरादून: उत्तराखंड राज्य के रजत जयंती वर्ष में रोजगार का आंकड़ा युवाओं के लिए ऐतिहासिक संदेश लेकर आया है। महज़ चार साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 26,025 युवाओं को सरकारी नौकरी देकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। जबकि राज्य गठन के बाद पिछले 20 वर्षों में 9 मुख्यमंत्रियों की सरकारें मिलकर भी कुल 11,528 नौकरियां ही दे पाईं। उत्तराखंड की 25 साल की यात्रा में सरकारी नौकरियों के लिहाज़ से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कार्यकाल सबसे यादगार और ऐतिहासिक साबित हुआ है। युवाओं के लिए यह दौर सिर्फ अवसरों का नहीं, बल्कि पारदर्शिता और भरोसे का भी है। धामी सरकार ने सरकारी नौकरी देने वाले तीन आयोगों के मार्फत पिछली 9 मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल की तुलना में तीन गुनी नौकरी दी है, जो अपने आप में बड़ा रिकॉर्ड है। खासकर धामी सरकार ने समूह ग में 16 हज़ार युवाओं को नौकरी दी। वहीं, अधिकारियों के 10 हज़ार पदों पर भी योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई। पारदर्शिता का आलम यह रहा कि कई अभ्यर्थियों ने एक नहीं बल्कि तीन से चार परीक्षाएं पास कर सफलता पाई।यही नहीं धामी सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए एडवांस जॉब कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें 10 हज़ार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया का अधियाचन पूरा हो चुका है और विज्ञप्तियां जारी होना बाकी हैं। यह परीक्षाएं भी इसी साल तक कराने का लक्ष्य रखा गया है। *20 साल बनाम 4 साल रोजगार का साफ़ अंतर* पिछली सरकारों के लंबे कार्यकाल के मुकाबले धामी सरकार का प्रदर्शन रोजगार के क्षेत्र में कहीं आगे निकल गया है। 20 साल (9 मुख्यमंत्री) – 11,528 नौकरियां 4 साल (धामी सरकार) – 26,025 नौकरियां *आयोगवार भर्ती – धामी सरकार का रिकॉर्ड* UKSSSC – 11,041 नियुक्तियां UKPSC – 8,359 नियुक्तियां UMSSSB – 5,926 नियुक्तियां *अन्य सरकारें (20 साल)* UKSSSC – 4,193 UKPSC – 6,128 UMSSSB – 1,207 *अब तक मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में मिली नौकरियां* …. एन.डी. तिवारी – 1,571 बी.सी. खंडूरी – 123 रमेश पोखरियाल निशंक – 236 विजय बहुगुणा – 812 हरीश रावत – 2,496 त्रिवेंद्र सिंह रावत – 5,083 पुष्कर सिंह धामी – 26,025 *युवाओं की जुबानी* “पहली बार लगा कि सिस्टम पारदर्शी है। चार परीक्षाएं पास करने के बाद आखिरकार नौकरी मिली।” –विकास पंवार , चयनित अभ्यर्थी “समारोह में मंच पर नियुक्ति पत्र मिलना अविस्मरणीय रहा। भरोसे का नया दौर शुरू हुआ है।” संदीप कुमार,समूह ग चयनित “अब जॉब कैलेंडर से तैयारी आसान हो गई है। इंतजार का दौर खत्म हुआ।” – आकाश जोशी , UKPSC चयनित

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