दिल्‍ली बैंक नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की 60वीं छमाही बैठक आयोजित

देहरादून। पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, के प्रधान कार्यालय, द्वारका, नई दिल्ली, में दिल्‍ली बैंक नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की 60वीं छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजीव जैन, कार्यकारी अध्‍यक्ष-दिल्‍ली बैंक नराकास एवं महाप्रबंधक (दिल्‍ली अंचल), मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मीनाक्षी जौली, संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग तथा विशिष्‍ट अतिथि के रूप में कुमार पाल शर्मा, उप निदेशक (का.), गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, उत्तरी क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय-1 दिल्ली विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मनीषा शर्मा, सदस्‍य-सचिव, दिल्‍ली बैंक नराकास ने दिल्ली बैंक नराकास की उपलब्धियों से सभी को अवगत कराया। इस अवसर पर दिल्ली बैंक नराकास द्वारा आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा दिल्ली बैंक नराकास की गृह पत्रिका “बैंक भारती” के 31वें अंक का विमोचन भी किया गया।
मुख्‍य अतिथि डॉ. मीनाक्षी जौली, संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग ने कहा कि नराकास एक संयुक्त मंच है, जहां पर सदस्य कार्यालयों द्वारा अपने नवोन्मेषी कार्यों को साझा करना चाहिए तथा राजभाषा के मार्ग में आ रही कठिनाईयों के समाधान पर चर्चा करनी चाहिए। आगे मुख्य अतिथि ने पंजाब नैशनल बैंक सहित दिल्‍ली बैंक नराकास के सदस्य कार्यालयों द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य-निष्पादन की सराहना की। विशिष्‍ट अतिथि कुमार पाल शर्मा ने बताया कि राजभाषा कार्यान्वयन में चार “प्र” अर्थात् प्रशिक्षण, प्रकाशन, प्रयोग एवं प्रोत्साहन का प्रयोग किया जाना चाहिए तथा राजभाषा कार्यान्वयन में आईटी टूल्स का भी प्रयोग किया जाना चाहिए। राजीव जैन, कार्यकारी अध्‍यक्ष-दिल्‍ली बैंक नराकास एवं महाप्रबंधक (दिल्‍ली-अंचल) ने अपने सम्बोधन में समस्त कार्यालयों के प्रमुखों एवं राजभाषा अधिकारियों को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें आगे भी इसी प्रकार सहयोग और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। बैठक के दौरान सदस्य कार्यालयों से प्राप्त मार्च, 2023 छमाही की रिपोर्टों के आधार पर राजभाषा कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक के द्वितीय सत्र में डॉ. धनेश द्विवेदी, उप संपादक (पत्रिका), गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन के विभिन्न आयाम विषय पर व्याख्यान दिया गया। तत्पश्चात आयोजित कवि सम्मेलन में कवि डॉ. ओम प्रकाश निश्चल एवं कवयित्री डॉ. सविता चड्ढा ने अपनी काव्य प्रस्तुति से समस्त श्रोतागणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में दिल्ली बैंक नराकास के शकील सरताज, मुख्य प्रबंधक (राजभाषा) बैंक ऑफ इंडिया के धन्‍यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।

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